भारतीय सहारा | जन-जन की बुलंद आवाज

पत्नी कैंसर से पीड़ित, पति के सिर पर छत बचाने का संकट

0 11

बैंक की नीलामी में खरीदे मकान पर दोबारा कब्जे का आरोप, न्याय के लिए भटक रहा प्रदीप

——————————-

कुलदीप शुक्ला की रिपोर्ट

प्रयागराज। एक ओर पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रही है, तो दूसरी ओर पति अपने ही मकान को वापस पाने के लिए थाने और चौकियों के चक्कर काटने को मजबूर है। यह पीड़ा धूमनगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रदीप कुमार साहू की है। उन्होंने शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकार वार्ता कर अपनी व्यथा सुनाई और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।

प्रदीप कुमार साहू के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2019 में बैंक की नीलामी में धूमनगंज क्षेत्र स्थित एक मकान खरीदा था। बैंक ने उन्हें मकान पर कब्जा भी दिला दिया था, जिसके बाद वह वहां रहने लगे। इसी बीच उनकी पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गईं। पत्नी के इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके मकान पर दोबारा कब्जा कर लिया और करीब साढ़े चार लाख रुपये का सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया या इधर-उधर कर दिया।

प्रदीप का कहना है कि उन्होंने घटना की सूचना संबंधित थाने को दी। पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक राहत नहीं मिली। उनका आरोप है कि उन्हें अलग-अलग नंबरों से फोन कर डराया-धमकाया जाता है। वह पत्नी के इलाज की चिंता के साथ अपने घर को वापस पाने की लड़ाई भी लड़ रहे हैं।

प्रदीप कुमार साहू ने आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को उनके मकान के नीचे बनी दो बंद दुकानों के ताले तोड़कर उन पर भी कब्जा कर लिया गया। उनके मुताबिक, ये दुकानें उनके कब्जे में थीं। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद में वह लगातार पुलिस अधिकारियों और थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

प्रदीप कुमार साहू ने मीडिया के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाते हुए मकान और दुकानों पर कब्जा वापस दिलाने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पत्नी की बीमारी के बीच वह मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय चाहिए।

Below News
Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More