राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) समापन समारोह का भव्य आयोजन

भारतीय सहारा संवाददाता
जमुहाई, जौनपुर। राष्ट्रीय पी. जी. कॉलेज, जमुहाई में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) समापन समारोह हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में समाज सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के महत्व को रेखांकित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य श्री बृजेश सिंह ‘प्रिंसू’, समाजशास्त्र के मर्मज्ञ विद्वान प्रोफेसर हरिओम त्रिपाठी, प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह, डॉ0 श्याम कन्हैया सिंह, प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश पांडे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रबंधक श्री सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की।समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के स्वागत से हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा पुष्पवर्षा कर मंचासीन अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात, माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन किया गया, जिससे समारोह का वातावरण आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा विविध सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों की प्रस्तुति दी गई, जिससे NSS के उद्देश्यों को जीवंतता मिली।मुख्य अतिथि डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि “युवाओं को आत्मविकास पर ध्यान देना चाहिए। NSS केवल सेवा योजना नहीं, बल्कि समाज सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। NSS हमें सिखाता है कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह समाज के कल्याण में भी सहायक होनी चाहिए। NSS छात्रों को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाता है और उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है।”विधान परिषद सदस्य श्री बृजेश सिंह ‘प्रिंसू’ ने NSS की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना केवल समाज सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच भी है। NSS युवाओं को समाज के जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील बनाता है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करता है। NSS का मूल उद्देश्य समाज में सेवा, समानता और समरसता की भावना को बढ़ावा देना है।”समाजशास्त्र के विद्वान प्रोफेसर हरिओम त्रिपाठी ने NSS को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझाते हुए कहा कि “NSS सामाजिक संरचनात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। यह केवल सेवा का मंच नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों की आवाज बनने का जरिया है। NSS हमें असमानताओं को समाप्त करने और एक समावेशी समाज बनाने की दिशा में काम करने की प्रेरणा देता है।”प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह ने NSS की भूमिका को और अधिक गहराई से विश्लेषित करते हुए कहा कि “NSS छात्रों को केवल समाज सेवा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि यह उन्हें नेतृत्व क्षमता विकसित करने, सामाजिक समस्याओं को समझने और समाधान निकालने के लिए प्रशिक्षित करता है। NSS के स्वयंसेवक समाज की वास्तविक जरूरतों को समझते हैं और उसके अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं। NSS राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
डॉ0याम कन्हैया सिंह ने NSS के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सेवा ही सच्चा धर्म है। NSS हमें निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने की प्रेरणा देता है। NSS के माध्यम से युवा सामाजिक समरसता और जनकल्याण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। NSS से जुड़े छात्र केवल समाजसेवी नहीं होते, बल्कि वे समाज के जागरूक नागरिक भी बनते हैं।”कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। NSS केवल समाजसेवा का मंच नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को निखारने का एक अनोखा अवसर भी प्रदान करता है। NSS का उद्देश्य केवल सेवा नहीं, बल्कि राष्ट्र को मजबूत करने के लिए युवा शक्ति को सही दिशा देना है।” उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और सेवा कार्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश पांडे ने समारोह की सफलता के लिए सभी अतिथियों, स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया और कहा कि “NSS समाजसेवा की भावना को सशक्त करता है और युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है। NSS स्वयंसेवकों को समाज के विभिन्न तबकों के साथ जुड़ने और उनके लिए कार्य करने की दिशा में सशक्त बनाता है।”इस अवसर पर 66 स्वयंसेवकों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने प्रभावशाली शैली में किया, जबकि कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तेज प्रताप सिंह एवं डॉ. दिलीप सिंह ने आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था को सफलतापूर्वक संपादित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
समारोह के समापन पर NSS स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे समाज के वंचित, उपेक्षित और जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। अंत में, राष्ट्रीय सेवा योजना के मूलमंत्र “सेवा परमो धर्मः” को दोहराया गया, जिससे यह आयोजन एक प्रेरणादायी और सामाजिक उत्तरदायित्व से परिपूर्ण संदेश के साथ संपन्न हुआ।



