प्रवासियों को दिए जाने वाले राशन किट व नगद धनराशि में बड़े घोटाले की आशंका

शिवकुमार तिवारी की रिपोर्ट
अयोध्या,बीकापुर। जहां उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घर वापस लाए जा रहे प्रवासियों को होम क्वॉरेंटाइन भेजने इससे पहले 14 दिनों के लिए 14 किलो राशन व ₹1000 की धनराशि देकर घर भेजने का प्रावधान रखा गया है। जिसका कुछ जगहों पर भरपूर लाभ उठाते हुए कर्मचारियों द्वारा भारी धांधली करने की आशंका का मामला प्रकाश में आ रहा है।
बीकापुर भारती इंटर कॉलेज स्थित अस्थाई क्वॉरेंटाइन सेंटर पर लाए जा रहे प्रवासियों को सिर्फ हाथ पर मोहर लगवा कर ही घर भेज दिया जा रहा है ना तो प्रवासियों को राशन की किट उपलब्ध कराई जा रही है और ना ही कोई धनराशि नगद दी जा रही है यहां तक कि होम क्वॉरेंटाइन में लोगों को क्या क्या सावधानियां बरतनी है इस बावत भी कोई सुझाव या जानकारी नहीं दी जा रही है। सरकार द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है की प्रदेश में राशन की कोई कमी नहीं है वही क्वॉरेंटाइन सेंटर पर मौजूद अधिकारियों से इस बावत बातचीत करने पर बताया गया कि राशन की कमी के चलते राशन किट उपलब्ध ना होने के कारण लोगों को उनका नाम और मोबाइल नंबर लिखकर घर भेज दिया गया है, बाद में राशन किट उपलब्ध हो जाने पर लेने के लिए बुलाया जाएगा। अस्थाई आश्रय स्थल के जिम्मेदार कर्मचारी से मोबाइल पर वार्ता के दौरान बताया गया कि रविवार को भारती इंटर कॉलेज पर लाए गए 255 प्रवासियों में से मात्र 80 प्रवासियों को सिर्फ राशन की किट दी गई थी बाकी 175 लोगों से कहा गया कि सुबह राशन किट लेकर तब घर जाएं लेकिन लोग नहीं माने और बिना राशन के ही घर चले गए वहीं सोमवार को भी दूर प्रदेश से आए अट्ठारह प्रवासी मजदूरों को भी बिना राशन किट के ही घर जाना पड़ा तो क्या ऐसा सचमुच राशन की कमी के कारण हो रहा है, या इसके पीछे किसी बड़े घोटाले की साजिश चल रही है।
