किसानों की आमदनी दो गुनी करने वाली भाजपा सरकार में सहकारी समिति के सचिव महा हड़ताल पर


किसानों के रवी की बुआई के समय खाद की बढ़ी किल्लत , सहकारी समिति पर लटक रहा ताला
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जनपद जौनपुर के सहकारी समितियों के सचिवों का विशाल जत्था कार्यकारी अध्यक्ष बीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में पहुंचा इको गार्डेन लखनऊ
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क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि अपने वोट के चक्कर में मशगूल ,किसानों की खाद समस्या पर नहीं फेर रहे नजर
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डा दिनेश कुमार मौर्य की रिपोर्ट
मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर । आज किसानों के सामने जहां रवी की फसल आलू,मटर ,चना,सरसों आदि की बुआई का भूत सर पर सवार है वहीं पर सहकारी समितियों पर सचिवों के महा हड़ताल का समितियों पर लटक रहा है ताला । ,किसान और देश हित की बात करने वाली भाजपा सरकार को इसके पूर्व जब की चार बार सचिवों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के साथ ज्ञापन सौंपा गया और सहकारिता मंत्री द्वारा मौखिक रूप से माँगो पर आश्वासन दिया गया लेकिन कोई मांग पूरा न होने पर पुनः 7सितम्बर 2026 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के साथ इको गार्डेन लखनऊ में रजिस्ट्रार कोआपरेटिव को ज्ञापन दिया गया दूसरा ज्ञापन 7 अक्टूबर 2026 को धरना प्रदर्शन के माध्यम से चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा गया जिसमें दर्शाया गया था कि यदि हमारी माँगे पूरी नहीं की गई तो समूचे उत्तर प्रदेश के सचिव 22 अक्टूबर 2026 को अनिश्चित कालीन महा हड़ताल और ताला बंदी करेंगे फिर भी हमारी माँगे न पूरी हुई तो 1 नवंबर 2026 को सामूहिक रूप से उत्तर प्रदेश के हम समस्त सचिव अपने पद से इस्तीफा दे देंगे । भारतीय सहारा संवाददाता डा 0दिनेश कुमार मौर्य से मुंगरा बादशाहपुर विकास खण्ड अन्तर्गत भीखपुर सचिव पवन कुमार सिंह, सोहासा सचिव अनुपम सिंह ने फोन वार्ता पर बताया । जनपद जौनपुर के कार्यकारी अध्यक्ष बीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में जनपद के समस्त सहकारी समिति के सचिव इको गार्डेन लखनऊ में अपनी मांग को लेकर धरने पर आर – पार की लड़ाई पर डटे रहेंगे। आज देखा जाय तो चुनावी दौर में किसान हित की बात करने वाले व किसानों की जनसमस्याओं से निजात दिलाने का घड़ियाली आसूं बहाने का नाटक करने वाले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का भी आज किसानों की खाद जैसी कठिन समस्याओं पर ध्यान नहीं जा रहा है। बात चाहे जो भी हो आज तत्कालीन उत्तर प्रदेश की सरकार और प्रदेश भर के सहकारी समितियों के सचिवों के मांग के बीच छिड़ी जंग में पिसना तो किसान को ही पड़ रहा है। अगर समय रहते प्रदेश सरकार सचिवों की मांग नहीं मानती और सचिवगण अपने पर अड़े रहे तो निश्चित रूप से किसानों के साथ देश व प्रदेश की भी बहुत बड़ी क्षति निकट भविष्य में हो सकती है। ऐसे में आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है अब देखना ये है कि किसान हित में बात करने वाली भाजपा सरकार किसान हित को देखते हुए सहकारी समिति के सचिवों के प्रति कोई नरमी अपनाती है कि ऐसे ही पत्थर की भांति अडिग रहती है ये तो वक्त ही बताएगा। पवन कुमार सिंह ने फोन वार्ता में बताया कि हम सचिवों को पिछले 30 वर्षों से वेतन नहीं दिया जा रहा है केवल कमीशन पर कार्य कराया जा रहा है कमीशन भी जो मिलता है वो आधा ही मिलता है ओ भी दो वर्ष बाद । इसके बावजूद सहकारी समिति प्रतिदिन खोलने के साथ साथ छुट्टी के दिन भी समिति खोलने का आदेश है श्री सिंह ने बताया कि आज हमारा सहकारी समिति समाज आज की महंगाई की वजह सेभुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।मुंगरा बादशाहपुर विकास खण्ड से सुरेश कुमार सिंह ब्लॉक अध्यक्ष ,पवन कुमार सिंह, अनुपम सिंह, अजय यादव , महेश गुप्ता, संतोष सिंह , उमेश गुप्ता और चंचल यादव की इको गार्डेन लखनऊ में सहभागिता बताई गई।
