घंटो निहारते रहे पर , मन कभी ना भरे…


राजेश पाठक की रिपोर्ट
बलिया। त्रिभुवन की यदि बात करे तो
कृष्ण जगत में सबसे सुंदर ,तीनो लोक के स्वामी हैं।
कृष्ण नाम की ये है महिमा ,यदि भक्ति में रम जाओगे
एक दिन इनको खुद में पाओगे, और इनके तुम हो जाओगे ।
तारणहार कहलाते प्रभु , तुम जप कर के तर जाओगे
जब सुमिरन तुम करोगे इनका ,मन से यदि पुकारोगे ,
आस पास ही ये हो जैसे , ये मन में आभास करा देंगे ,
दिखा के कभी चमत्कार ये , खुद पर विश्वाश बढ़ा देंगे ।
जब कृष्ण छवि मन में बस जाए,तब मोह माया से रुचि घट जाए
घंटो निहारते रहने पर भी , मन कभी ना भरे इनसे
ऐसा अनुपम स्वरूप है इनका, मन मोह ले ऐसा रूप है इनका ।
है ऐसे ये नाथ जगत में , जो जगन्नाथ कहलाते है
सृष्टि के ये पालन करता, रक्षण भी यही करते है
अधर्म का सदैव ही नाश किए है ,धर्म पर चलना सिखाते हैं ,
भक्त जो इनसे करले मित्रता, उसका हर क्षण साथ निभाते है ,
इनसे अच्छा मित्र ना कोई ,जीवन रथ के सारथी बनकर
मार्ग- दर्शन कराते है ।
समग्र सृष्टि है इनकी माया ,गीता में जीवन का सार बताया ।
सबसे कहते थे कृष्ण सदा
जीवन के कठिन संघर्षों से, मन विचलित हो जाए अगर
कैसी भी हो चाहे परिस्थिति,मुस्कान कभी न खोना तुम
मेहनत निरंतर करते रहना ,फल की इच्छा कभी ना करना
यदि कर्म सही ,तो फल भी मिलेंगे
बस सच्चाई के मार्ग पर चलना ,अधर्म के राह को कभी ना चुनना
सारथी जब तक बना हूं तेरा , हार – जीत की फिक्र ना करना
प्रज्ञा ✍️
