बलिया बीएसए ने एक को छोड़ सभी 17 खंड शिक्षा अधिकारियों से तलब किया स्पष्टीकरण…

प्रज्ञा पाण्डेय की रिपोर्ट
बलिया। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को यूनीफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे एवं स्कूल बैग खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि के हस्तान्तरण हेतु बच्चों एवं उनके माता, पिता तथा अभिभावकों के आधार का सत्यापन प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से नहीं किये जाने के कारण डीबीटी की पेंडेंसी अत्यधिक होने से नाराज बीएसए मनीष कुमार सिंह ने सभी एक खंड शिक्षा अधिकारी को छोड़कर सभी से कारण सहित स्पष्टीकरण तलब किया है।
बीएसए ने कहा है कि उक्त के सम्बन्ध में आप भली-भांति अवगत है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र 2024-25 में बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उपयोगार्थ यूनीफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे एवं स्कूल बैग एवं स्टेशनरी खरीदने हेतु धनराशि को उनके माता, पिता या अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है।
इस सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठकों में महानिदेशक स्कूली शिक्षा के सख्त निर्देशों एवं अधोहस्ताक्षरी के स्तर से बार-बार यह आदेशित किया गया कि यशाशीघ्र शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का आधार सत्यापित करते हुए उन्हें डीबीटी की प्रक्रिया में सम्मिलित कराएं। 13 अगस्त को महानिदेशक महोदय द्वारा उक्त कार्य कि प्रगति के अवलोकन में यह पाया गया है कि लगभग 10 हजार से अधिक ऐसे छात्र-छात्राओं का डाटा अध्यापक के पास लम्बित है, जिनके बारे में अध्यापक द्वारा अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है कि वे बच्चे विद्यालय में है अथवा नहीं। यदि विद्यालय में है तो उनके पास आधार है अथवा नहीं।
यह स्थिति अत्यन्त खेदजनक है। इससे स्पष्ट है कि आप द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। आपके स्तर से उक्त कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु गम्भीरता से प्रयास नहीं किया जा रहा है। बीएसए ने खण्ड शिक्षा अधिकारी मुरलीछपरा को छोडकर समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों से अपना स्पष्टीकरण तीन दिवस के अन्दर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूछा है कि सौंपे गये कार्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में आप द्वारा की जा रही घोर लापरवाही एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण क्यो न आपकी जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर अनुशासनिक कार्यवाही पारित कर दी जाय।
