भारतीय सहारा | जन-जन की बुलंद आवाज

आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है उत्तर भारत की ट्रेनों का तत्काल टिकट

0 21

भेड़ बकरियों की तरह यात्रा करने को मजबूर हैं उत्तर भारतीय यात्री

————————————————–

आदेश कुमार मिश्र की रिपोर्ट

मुंबई। रेल मंत्रालय जहां हरसंभव रेल आरक्षण केंद्रों को दलालों से मुक्त करने के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहा है वहीं उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में तत्काल टिकट आम आदमी को मिलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। खास बात यह है कि मुंबई के अनेक आरक्षण केंद्र दलालों के कब्जे में होने से आम जरूरत मंद लोगों को टिकट मिलना दुभर हो गया है। मजबूरन लोगों को उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज या हावड़ा से तत्काल टिकट कराना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि वर्तमान समय में रेलवे आरक्षण 120 दिन का हो रहा है। अप्रैल माह की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। जिसके कारण उत्तर भारत ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ शुरू हो चुकी है। बताया जाता है कि मुंबई के – अनेक आरक्षण केंद्रों पर आम आदमी को तत्काल टिकट के अलावा ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियों का टिकट मिलना दुभर हो गया है। जानकारों का कहना है कि मुंबई का सी एस टी, मुंबई सेन्ट्रल, अंधेरी, – बोरिवली, नालासोपारा, कुर्ला लोकमान्य तिलक टर्मिनस, चेंबूर, और कल्याण रेल आरक्षण केंद्रों पर दलालों का कब्जा होने से आम जरूरत मंद लोगों को टिकट नहीं मिल पा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी चांदीवली के तालुका अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तत्काल टिकट के लिए सुबह तीन बजे से ही आरक्षण केंद्रों पर उत्तर भारतीय यात्रियों की कतार लग जाती है लेकिन आर पी एफ और दलालों की मिलीभगत के कारण कतार में खड़े आम लोगों को टिकट नहीं मिल पा रहा है। जबकि दलालों को सबसे पहले टिकट मिल जा रहा है। सुरेंद्र सिंह के अनुसार दलालों द्वारा वाराणसी, बिहार, पटना, गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन, प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर प्रतापगढ़,आजमगढ़ और उत्तर भारत के अन्य स्टेशनो पर जाने वाले यात्रियों से स्लीपर क्लास के एक टिकट का 1800 से 2000 रुपए प्रति यात्री वसूला जा रहा है। जबकि थ्री टायर ए सी के एक टिकट के लिए 4000 रुपए लिया जा रहा है। यही नहीं रेल आरक्षण केंद्रों पर टिकटों की कालाबाजारी तो हो ही रही है उसके अलावा ऑनलाइन टिकट निकालने वाले भी उत्तर प्रदेश और बिहार की ट्रेनों का 1800 रुपए प्रति टिकट ले रहे हैं। वहीं अनेक यात्रियों का है कि रेल मंत्रालय एक तरफ रेल आरक्षण केंद्रों को दलालो से मुक्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने का दावा करता है यहां तक कि अनेक रेल स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं लेकिन उसके बाद भी रेल आरक्षण केंद्र दलालों से क्यों नहीं मुक्त हो पा रहा है? राकांपा नेता सुरेंद्र सिंह ने रेल मंत्री और रेल पुलिस आयुक्त से मुंबई के आरक्षण केंद्रों को दलालों के चंगुल से मुक्त कराने की मांग की है।

Below News
Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More