रेलवे यात्री बोर्ड चेयरमैन ने किया मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण,जंघई से प्रतापगढ़ लाइन का होगा दोहरीकरण कार्य, मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प
वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
मुँगराबादशाहपुर, जौनपुर। जंघई से प्रतापगढ़ रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य शुरू होना है और बीच के सभी स्टेशनों के रेलवे यात्री बोर्ड चेयरमैन ने किया मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण,जंघई से प्रतापगढ़ लाइन का होगा दोहरीकरण कार्य, मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प निरीक्षण के क्रम में मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण रेलवे यात्री बोर्ड के चेयरमैन रमेश चंद्र रतन द्वारा किया गया। उनके आने के पहले पुरानी जर्जर बिल्डिंग और व्यवस्थाओं के रंग रोगन और चूना छिड़काव कार्य शुरू हो गया था। प्लेटफार्म के दूसरे छोर पर काफी दिनों से अव्यवस्थित गड्ढों को भी जेसीबी लगा कर मिट्टी पड़तालने का कार्य किया जा रहा था। अब सवाल यह उठता है कि जिस तरह पूरे रेलवे स्टेशन की साफ सफाई की व्यवस्था उनके आने के पहले की गई , यह व्यवस्था हमेशा बेहतर क्यों नहीं रहती।
फिलहाल जैसे ही रेलवे बोर्ड चेयरमैन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे वैसे ही स्टेशन अधीक्षक रामबली राम और अन्य स्टाफ द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। स्टेशन पर पहले से उपस्थित भाजपा नेता राजकुमार उर्फ काजू जायसवाल ने ज्ञापन देकर नीलांचल और अर्चना एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के साथ अन्य कई बिंदु पर मांग किया और इसी क्रम में समाजसेवी व सपा नेता उमाशंकर चौरसिया ने ज्ञापन देकर मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन पर मूलभूत नाना प्रकार के समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया, जैसे स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था, रेलवे फाटक के दोनों तरफ मौत को दावत दे रही जर्जर सड़कें, रात्रि में यात्रियों के ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था आदि ।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन रमेश चंद्र रतन ने मीडिया से बातचीत में कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रियों के सुगम यात्रा व्यवस्था के लिए रेलवे द्वारा चहुमुंखी विकास करने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका उदाहरण तेजस और वंदे भारत, शताब्दी, जैसी सारी चीजों में परिवर्तन होते दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की सोंच है कि रेलवे स्टेशन छोटा हो या बड़ा सभी साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाओं से पूर्ण हो।
चेयरमैन ने जानकारी देते हुए कहा कि दिसंबर 2022 से लेकर जून 2023 तक सभी कार्य हो जाने चाहिए, जिसके लिए संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। तब तक तत्काल प्लेटफार्म के फर्श को प्लास्टर और अन्य सुंदरीकरण के साथ लाइट की व्यवस्था हो जानी चाहिए। हालांकि मुंगरा बादशाहपुर की मुख्य समस्या फ्लाईओवर ब्रिज को लेकर कोई बयान नहीं दिया लेकिन योगी और मोदी डबल इंजन की सरकार की चर्चा करते हुए तारीफ की पुलिया बांधे चले जा रहे थे। सरकार की तारीफ करने के क्रम में कहा कि यह सरकार लटकाने और भटकाने की सरकार नहीं है।
फिलहाल मुंगरा बादशाहपुर की समस्याओं को लेकर मीडिया के कई सवालों में घिरे रह गए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, हर सवाल पर यही कहे जा रहे थे कि यह सरकार लटकाने और भटकाने की सरकार नहीं है,
इसी क्रम में भारतीय सहारा पत्रकार से वार्तालाप के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर विनोद कुमार कलवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुंगरा बादशाहपुर का दो नंबर का प्लेटफार्म टूट कर रेलवे की दूसरी लाइन जाएगी, और फुट ब्रिज टूट कर नया फुट ब्रिज बनेगा, और इसी क्रम में स्टेशन की सारी बिल्डिंग टूट कर पूरब दिशा में नई बिल्डिंग का निर्माण होगा।
उन्होंने बताया कि जंघई से लेकर प्रतापगढ़ तक रेलवे लाइन दोहरीकरण में 600 करोड़ का बजट प्रस्ताव पर मंजूरी मिली है, जिसमें स्टेशनों के सुंदरीकरण का भी बजट सम्लित है। मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए ₹22 करोड़ निर्धारित किया गया है, फिलहाल अब देखना यह है कि मुंगरा बादशाहपुर रेलवे स्टेशन के विकास में ग्राउंड पर कितना दिखाई देता है यह ₹22 करोड़ रूपया।




