शिक्षिका के दुर्व्यवहार और गैरहाजिर रहने से नाराज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और बीएसए को दिया शिकायती पत्र
विन्देश्वरी पाण्डेय की रिपोर्ट
बलरामपुर । योगी सरकार के द्वारा सड़क शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजुली ,पानी आदि सभी क्षेत्रों में सुधार करने का दावा हवा हवाई ही साबित हो रहा है । कोरोना काल जैसी महामारी के दौरान सालों साल स्कूल में ड्यूटी करने से छुटकारा पाकर अध्यापक खूब मौज कर रहे थे लेकिन अब इस महामारी से उबरने के पश्चात जब स्कूल और कालेज खोलने के लिए सरकारी फरमान जारी हो गया है तो मौज करने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं को अब विद्यालय आकर बच्चों को शिक्षा देना भारी पड़ रहा है । शिक्षा क्षेत्र शिवपुरा के अन्तर्गत आने वाले धनघटा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि हमारे यहां कम्पोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यपिका बराबर और समय से विद्यालय नहीं आ रहीं हैं । ग्रामीणों ने बताया कि जब हम लोगों ने उनसें बराबर और समय से विद्यालय आने के लिए कहा तो वह धमकी देते हुए हम सभी से लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू हो गई । जिससे नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी बलरामपुर के यहां पहुंच कर शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए कार्यवाही करने का गुहार लगाया । अब देखना है कि ऐसे गैर जिम्मेदार और लापरवाह शिक्षिका के ऊपर कब और क्या कार्यवाही होती है ।

