भगवती मानव कल्याण संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी अजय अवस्थी के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को मिला बेहतर इलाज

भारतीय सहारा संवाददाता –
रायपुर। आज एक बार फिर भगवती मानव कल्याण संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी अजय अवस्थी के ट्वीट के माध्यम से एक पीड़ित बच्ची को बेहतर इलाज मिल सका।
मामला यह है कि शहडोल जिले के राम सजीवन मेहरा का नवजात बच्ची रंजना मेहरा रायपुर के एक निजी अस्पताल पटेल हॉस्पिटल में भर्ती थी हॉस्पिटल में जब भर्ती कराया गया था तब हॉस्पिटल में बोर्ड लगा था कि यहां आयुष्मान कार्ड स्वीकार किए जाते हैं लेकिन जैसे-जैसे बच्ची का इलाज आगे बढ़ा हॉस्पिटल वालों ने आयुष्मान कार्ड मानने से मना कर दिया। अब गरीब परिवार राम संजीवन अपनी बच्ची के इलाज के लिए परेशान होता रहा उसे बार-बार हॉस्पिटल द्वारा पैसे भरने के लिए टॉर्चर किया जा रहा था। जब इस मामले की जानकारी भगवती मानव कल्याण संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी अजय अवस्थी को भगवती मानव कल्याण संगठन महाराष्ट्र इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से प्राप्त हुई तब उन्होंने ट्वीट के माध्यम छत्तीसगढ़ सरकार और रायपुर जिला प्रशासन को बच्ची की सहायता करने की मांग की। ट्वीट इतना गहरा असर हुआ कि मुख्यमंत्री कार्यालय से बच्ची को तुरंत उचित इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन ने तुरंत बच्ची को सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बच्ची को सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए तहसीलदार और अन्य अधिकारी लगे रहे।
अजय अवस्थी ने दोबारा ट्वीट करके छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सभी अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
बच्ची के पिता राम सजीवन का कहना है कि आज अजय अवस्थी जी के कारण ही उनकी बच्ची को बेहतर इलाज मिल पा रहा है हम अवस्थी जी का धन्यवाद करते हैं। राम सजीवन ने बताया कि वह हॉस्पिटल के टॉर्चर से इतना परेशान हो गया था कि वह आत्महत्या करने की सोचने लगा था।
