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रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य है आत्मा की सर्वागीण रक्षा- मनोरमा दीदी

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ब्रह्माकुमारी संस्थान के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पेश किया संस्कृतिक प्रोग्राम-

मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कस्बे के मोहल्ला पकड़ी में स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र पर रक्षाबंधन सप्ताह भर चलने वाली पर्व के आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत की गई। और साथ ही संस्था के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का पेश किया गया। ब्रम्हाकुमारी बहनों द्वारा थाना प्रभारी संतोष शुक्ला सहित भाइयों की कलाइयों पर पवित्रता का दिव्य दृष्टि देकर राखी बांधी।साथ ही सभी को तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया और उन्हें ईश्वरी सौगात दी।
कार्यक्रम में सेवा केंद्र की संचालिका अनिता बहन ने नित्य दिन की तरह गीता ज्ञान मुरली पाठ का संदेश पढ़कर सुनाया तथा शिव बाबा को प्रसाद का भोग लगाया। मुख्य अतिथि मनोरमा दीदी ने खेत भर से उपस्थित लोगों को राजयोग का अभ्यास कराया। इस दौरान दीदी ने कार्यक्रम में रक्षाबंधन पर्व के महत्ता विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई बहनों के संबंध तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह पर्व हमें उस स्लोगन की याद दिलाता है जिसमें कहा गया है कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में सब भाई भाई एक परम पिता की संतान होने के कारण विश्व की हर जाति धर्म की मनुष्यात्माएं आपस में भाई हैं। और हमारा रिश्ता एक दूसरे के बीच पवित्रता का है रक्षा सूत्र बांधने का अर्थ है, विकारों और बुराइयों रूपी दुश्मन से हम अपनी रक्षा करने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध हो। उन्होंने राखी का अध्यात्मिक व्यस्त बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन का अर्थ है, आत्मा की सर्वागीण रक्षा है। कार्यक्रम का संचालन दीपा हुआ रजनी बहन ने किया।इस अवसर पर थाना प्रभारी संतोष शुक्ला, राजमणि भाई, शैलेंद्र साहू, राजेंद्र, दयाराम, ममता, ज्ञानमती, राकेश, किरण व संगीता बहन उपस्थित रहे।

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