प्रदेश में व्याप्त बेरोजगारी के विरोध में युवाओं ने मशाल, मोमबत्ती जलाकर किया प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध

अयोध्या। प्रदेश में व्याप्त बेरोजगारी मुद्दे को लेकर ऑल इंडियन राजीव कांग्रेस पार्टी ने बेरोजगार युवाओं के साथ ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के युवाओं को संगठित करने का बीड़ा उठाया है प्रदेश में व्यापक स्तर पर व्याप्त बेरोजगारी से परेशान युवाओं को संगठन से जोड़कर और उनके हित के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों के विरुद्ध तिराहों-चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 20 सितंबर 2020 को रात्रि 8:08 पर मोमबत्ती,मशाल,मोबाइल फ्लैश जलाकर संगठित युवाओं द्वारा बेरोजगारी के खिलाफ विरोध दर्ज किया गया।
जनपद के बीकापुर क्षेत्र के चवंरढ़ार तिराहे पर भी आसपास के गांव से बेरोजगारों की भीड़ एकत्र कर ऑल इंडियन राजीव कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.के.त्रिपाठी,जिला अध्यक्ष राज नारायण सिंह जिला उपाध्यक्ष मनीष कुमार तिवारी के साथ ग्रामीण युवाओं द्वारा मोबाइल फ्लैश मोमबत्ती जलाकर बेरोजगारी के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्रीय महासचिव बी.के त्रिपाठी द्वारा शाब्दिक तुकबंदी के माध्यम से बेरोजगारी समस्या को लेकर प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया गया और संगठन के साथ बेरोजगारी के विरुद्ध लड़ाई के लिए युवाओं में जोश भरने का कार्य किया गया।
ले मशाले चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के अब अंधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गांव के कह रहे हैं झोपड़ी और पूछते हैं खेत भी कब तलक लूटते रहेंगे लोग मेरे गांव के बिन लड़े कुछ भी यहां मिलता नहीं है यह जानकर अब लड़ाई लड़ रहे हैं लोग मेरे गांव के कफ़न बांधे हैं सिरों पर हाथ में तलवार हैं ढूंढने निकले हैं दुश्मन लोग मेरे गांव के हर रुकावट चीखती है ठोकरो की मार से बेड़िया खनका रहे हैं लोग मेरे गांव के दे रहे हैं देख लो अब वह सदाएं इंकलाब हाथ में परचम लिए हैं लोग मेरे गांव के एकता से बल मिला है झोपड़ी की सास को आंधियों से लड़ रहे हैं लोग मेरे गांव के यूपी उठेगा देश के हर गांव में देख विकासक जो सुबह ठीक ही दिखे है आजकल लाल रंग उसमें भरेंगे लोग मेरे गांव के उठो देश के युवाओं ललकार दो कहो सरकार से रोजगार दो उठो युवाओं ललकार दो कहो सरकार से रोजगार दो उसूलों पर जहां आंच आए तो टकराना जरूरी है जो जिंदा हो तो फिर जिंदा आना जरूरी है मुठिया जब बन जाती है नौजवानों की नींद उड़ जाती है जुल्मी हुक्मरानों की उठो जवानों ललकार दो कहो सरकार से रोजगार देते आश्वासन नहीं रोजगार चाहिए संविदा नहीं सम्मान चाहिए अब अपने ही दे रहे हैं धोखा गैरों की जरूरत क्या कुछ भ्रमित हमसफर हैं वो के खंजर भगवान से शिकायत क्या।
