जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के नाम जाना जायेगा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम प्रतितोष आयोग को आर्थिक क्षेत्राधिकार होगा एक करोड़ रूपये
बहराइच । जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बहराइच के अध्यक्ष कमला सिंह यादव ने बताया कि भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (उपभोक्ता मामले विभाग) की अधिसूचना संख्या का.नि. 2351(अ.) दिनांक 15 जुलाई 2020 द्वारा पूर्व के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 को निरसित करते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (2019 का 35) को दिनांक 20 जुलाई 2020 से प्रभावी कर ‘‘जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम’’ के स्थान पर ‘‘जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग’’ नाम कर दिया गया है। साथ ही जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का आर्थिक क्षेत्राधिकार एक करोड़ रूपये तक करते हुए देय शुल्क में भी परिवर्तन किया गया है।
अध्यक्ष श्री यादव ने परिवाद/शिकायत के मूल्यांकन हेतु देय शुल्क में किये गये परिवर्तन की जानकारी देते हुए बताया कि पाॅच लाख रूपये तक शून्य, पाॅच लाख रूपये से अधिक और दस लाख रूपये तक रू. 200=00, दस लाख रूपये से अधिक और बीस लाख रूपये तक रू. 400=00, बीस लाख रूपये से अधिक और पचास लाख रूपये तक रू. 1000=00 तथा पचास लाख रूपये से अधिक और एक करोड़ रूपये तक रू. 2000=00 देय शुल्क निर्धारित किया गया है।
