साजिश के तहत फर्जी बीट रिपोर्ट तैयार कर पत्रकार को पाबंद किए जाने का प्रयास निंदनीय एवं संज्ञेय अपराध है – प्रमोद के. सिंह
बृजेश पाण्डेय की खास रिपोर्ट
मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर) । पत्रकार को पाबंद किया जाना लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आघात पहुंचाना है । मुंगराबादशाहपुर पुलिस द्वारा निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकार बृजेश पाण्डेय को साजिश के तहत फर्जी बीट रिपोर्ट तैयार कर पाबंद किए जाने का प्रयास निंदनीय एवं संज्ञेय अपराध है । ऐसे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध जांच कराई जानी चाहिए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही होनी चाहिए । उक्त बातें बरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व पीसीसी सदस्य एवं प्रणवम् स्कूल आफ चिल्ड्रेन आर्ट्स के प्रबंधक प्रमोद के सिंह ने

भारतीय सहारा से बातचीत के दौरान कहा । उन्होंने कहा कि मुंगराबादशाहपुर थाना के निवर्तमान थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव द्वारा अपने कार्यकाल में नियमों कानूनों को ताक पर न्यायालय के स्थगन आदेश को ठेंगा दिखाते हुए मोटी रकम वसूल कर गरीबों मजलूमों की जमीनों पर अवैध कब्जा कराने का अभियान चला दिया गया था । जिसे क्षेत्र में निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकार बृजेश पाण्डेय ने समाचार पत्रों में प्रकाशित किया तो खबरों से बौखलाई मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस ने दुर्भावना से ग्रसित होकर फर्जी बीट रिपोर्ट तैयार कर पाबंद किए जाने हेतु उप जिलाधिकारी मछ्ली शहर के न्यायालय में पत्रावली पेश कर दिया था । जिसकी सूचना पत्रकार बृजेश पाण्डेय को तब मिली जब उपजिलाधिकारी मछ्ली शहर न्यायालय से नोटिस मिली । श्री सिंह ने मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस की इस कार्यवाही को खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे कहावत को चरितार्थ करने का प्रयास करार देते हुए कहा कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव द्वारा पुलिस के दागदार हो रहे चेहरे को साफ सुथरा रखने की बजाय उसके काले कारनामों का खुलासा करने वाले पत्रकार बृजेश पाण्डेय की निर्भीकता एवं निष्पक्षता को प्रभावित करने का असफल प्रयास किया । जिसे समाज का बुद्धिजीवी वर्ग बर्दाश्त नहीं करेगा । उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस द्वारा निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकार बृजेश पाण्डेय के विरुद्ध की गई इस कार्यवाही की जांच नहीं कराई गई एवं दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा धरना प्रदर्शन के साथ ही उच्च अधिकारियों का घेराव किया जाएगा ।
इसी क्रम मे उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं नीभापुर गांव निवासी एडवोकेट मदन कुमार तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिसिया कार्रवाई को पत्रकार उत्पीड़न करार दिया । उन्होंने कहा कि मुंगराबादशाहपुर के निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता करने वाले पत्रकार बृजेश पाण्डेय ने कभी भी खबरों से समझौता नहीं किया ।उसी का ही यह प्रभाव है कि खबरो से बौखलाई मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस ने पत्रकार को ही पाबंद कर दिया पुलिस का यह कार्य अधिकारातित है जो कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति को अपने कार्य से उन्मुक्त करने का प्रयास है । यदि इसी प्रकार अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया जाएगा तो समाज में कभी कोई व्यक्ति निर्भीकता के साथ कोई भी कार्य नहीं कर सकता । उन्होंने कहा कि यदि
पुलिस प्रशासन द्वारा इस प्रकरण की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो इसे न्यायालय तक ले जाया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला पुलिस प्रशासन की होगी ।
