कोरोना योद्धा दुबक गए मरीजों तीमारदारों को खोजने पर भी नहीं मिल रहे राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टर

अयोध्या। देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी दिन रात सेवा कार्यों में लगे हुए हैं वही अयोध्या श्रीराम चिकित्सालय ने कोरोना योद्धा कहे जाने वाले डॉक्टर विगत कई दिनों से अनुपस्थित चल रहे हैं जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है दरअसल श्रीराम चिकित्सालय के कई डॉक्टरों के अनुपस्थित होने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है सूत्रों के अनुसार श्रीराम चिकित्सालय में कार्यरत डॉ सत्येंद्र पाठक,डॉक्टर एस०एन० यादव,डॉ एस०सी० सोनकर व डॉक्टर हरीनाथ विगत कई दिनों से अस्पताल से नदारद हैं जिसकी वजह से मरीजों व तीमारदारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों की वजह से काफी मुश्किलों और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि डॉक्टरों का अनुपस्थित होना और उनकी उपस्थिति ना होने पर भी रजिस्टर में उनकी उपस्थिति दर्ज कराने के खेल में चिकित्सालय के सीएमएस अनिल कुमार की संलिप्तता बताई जा रही है।
लोगों ने आशंका जताया कि कहीं ये डॉक्टर कोरोना महामारी के शिकार तो नहीं हो गए जिसकी वजह से विगत कई दिनों से चिकित्सालय में अनुपस्थित चल रहे हैं और बेतन सबका निकल रहा है दरअसल मामला ही कुछ ऐसा हुआ था जानकारी के अनुसार चिकित्सालय की स्टाफ नर्स अतिमा परवीन के पति जो कि कोरोना पॉजिटिव थे,जानकारी के अनुसार इन्हीं स्टाफ नर्स के द्वारा ईद के त्यौहार के मौके पर स्टाफ में इन्हीं डॉक्टरों को सेवाइयां खिलाई गई थी जो कि तब से ही ड्यूटी पर नहीं आए हैं। और डॉ उजैर अंसारी ने आतिमा परवीन की तबीयत खराब होने पे उनको आले से और ब्लड प्रेसर से उनका चेकअप किया था,फिलहाल आतिमा परवीन की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव है।
डॉक्टर उजैर अंसारी के व्यवहार एवं कर्तव्य विमुखता से नाराज स्थानीय लोगों ने कहा कि डॉक्टर साहब कहते हैं कि मुझे मरना नहीं है मैं मरीजों को नहीं देख पाऊंगा जबकि यह ड्यूटी पर होते हैं। बता दें कि सरकार ने लॉकडाउन में ढील देते समय ओपीडी सेवाएं बहाल की थी। स्टाफ नर्स आतिमा परवीन का चेकअप और संपर्क में आने के बाद भी इन्होंने खुद को क्वॉरेंटाइन भी नहीं किया और खुलेआम घूम रहे हैं।
