बीकापुर में लॉक डाउन के चलते लोगों की मदद को तत्पर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

शिवकुमार तिवारी की रिपोर्ट
अयोध्या,बीकापुर। कोरोना संक्रमण के चलते दूर प्रदेशों से पलायन कर रहे लगभग 90 लोगों का जत्था बीकापुर बाजार स्थित आश्रय स्थल के पास पहुंचा जहां मौजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने रोककर जलपान कराया तथा पूछे जाने पर लोगों द्वारा बताया गया कि वह सब एल एंड टी कंपनी में दैनिक मजदूरी करते थे लॉक डाउन के चलते काम ना होने के कारण लोग रहने खाने की समस्याओं के मद्देनजर अपने घरों की तरफ पलायन कर रहे हैं लोगों ने बताया कि झारखंड जाना है फैजाबाद से कोई साधन न होने के कारण सब लोग पैदल ही इलाहाबाद की तरफ जा रहे थे बीकापुर आश्रय स्थल पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या किसी भी जिम्मेदार कर्मचारी ना होने से लोगों ने अपने गंतव्य की तरफ जाना ही उचित समझा तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को इलाहाबाद की तरफ जाने वाली गाड़ियों से आग्रह करते हुए लोगों को इलाहाबाद की तरफ रवाना करवाया।
जहां एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लोगों की मदद करने में पूरी तरह से सक्रिय भूमिका में नजर आया वहीं दूसरी तरफ आश्रय स्थल पर स्थानीय शासन व प्रशासन की शिथिलता भी नजर आई है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जरूरतमंद परिवारों में बाटी खाद्य सामग्री का पैकेट
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को राशन का पैकेट घर घर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं जिसके अंतर्गत आज तारुन,शाहगंज,भदरसा,बीकापुर नगर व पड़ोस के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पैकेट वितरित किया अयोध्या प्रचारक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राहत पैकेट में मसाला,तेल,3 किलो आलू,3 किलो चावल,3 किलो आटा 1 किलो नमक आदि खाद्य सामग्रियां शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा कार्य वितरण कार्यों में सहयोग दे रहे स्वयं सेवकों ने प्रमुखता से कार्य कर रहे आनंद जी सह जिला प्रचार प्रमुख, पुष्कर जी सेवा विभाग प्रमुख, शैलेंद्र जी अयोध्या प्रचारक, धर्मवीर जी पर्यावरण प्रमुख, भरत जी मुख्य शिक्षक, सत्य प्रकाश जी शाखा कार्यवाह, प्रभाष जी खंड शारीरिक प्रमुख, राम जियावन जी जिला संपर्क प्रमुख, महेश जी नगर संघचालक, राजेंद्र मोदनवाल नगर सेवा प्रमुख,दुर्गेश जी व नवनीत जी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराते हुए संघ कार्य में लगे हुए हैं।
