मेरी बेटी की हत्त्या हुई है, वो आत्महत्या नहीं कर सकती : अमर वलेछा
देवेश मिश्रा
मुंबई । मुंबई से सटे ठाणे जिले के उल्हासनगर शहर में एक सनसनीखेज भरा मामला प्रकाश पर आया है जिस मामले में विट्ठलवाड़ी पुलिस को जानकारी मिली की एक 28 और थी विवाहिता आत्महत्या कर ली है वहीं जब विवाहिता के पिता के द्वारा पुलिस स्टेशन में उसकी बेटी आत्महत्या नहीं की बल्कि उसका हत्या किया गया है का आरोप पिता के द्वारा लगाए जाने के बाद पुलिस हरकत में आ गई और शहर के उद्योगपति घरानों के परिवार जनों के खिलाफ विट्ठलवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया जानकारी के अनुसार पुलिस ने विजय चुंग मुकेश लाल चुंग रेशमा मुकेश चुंग के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है पुलिस ने विवाहिता के पति आरोपी विनय चुंबक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आरोपी सास और ससुर अभी तक फरार बताए जा रहे हैं बता दे की पूरा देश जहां कोरोना वायरस बीमारी को लेकर “जनता कर्फ्यू”का पालन कर रहा था उस समय एक बाप,उसकी माँ अपनी बेटी की मौत से आहत एक पिता और उसकी माँ बेटी के मृत शरीर के उसके सिरहाने बैठकर विवाहिता बेटी की मौत पर मातम मना रहे थे।तीन साल पहले बड़े लाड़ प्यार से अपनी बेटी को डोली में बैठाने वाले बाप पर मानो पहाड़ टूट पड़ा हो।हालांकि विट्ठालवाड़ी पुलिस ने पहले एडीआर के तहत मामला दर्ज किया था उसके बाद देर रात आईपीसी 304 (ब),498 (अ),34 के तहत मामला दर्ज कर विवाहिता के पति विनय चुग को गिरफ्तार कर लिया।मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक राजपूत कर है,
मिली जानकारी के अनुसार मुंबई नजदीक ठाणे जिले के औद्योगिक शहर उल्हासनगर के कैम्प-3 के रहिवाशी अमरलाल वलेच्छा जिनका फर्नीचर बाजार में रीजेंसी हाल के नीचे प्लायवुड की दुकान है, उन्होंने अपनी बड़ी बेटी अलका वलेच्छा (28) का विवाह 3 वर्ष पूर्व कैम्प-4 जानकी कुटीर निवासी मुकेशलाल चुंग के बेटे विनय चुंग से की थी, शुरुवात में सब कुछ ठीक था लेकिन जैसे जैसे समय बीता वैसे वैसे ससुराल में विवाद जन्म लेने लगा, विठ्ठलवाड़ी पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार विवाह के एक महीने बाद जब अलका की छोटी बहन राखी उसे मायके लाने गयी तभी सास रेशमा चुग ने उससे कहा की मेरी बहु अलका को काम-धाम करने के लिए समझाओ इस बात को राखी ने नॉर्मल लिया और बहन को लेकर कुछ दिनों के लिए मायके आ गयी थी, एक सप्ताह मायके में रहने के बाद अलका वापस अपने ससुराल चली गयी, पिता अमरलाल वलेच्छा के अनुसार पति विनय चुग (29) ,मुकेश लाल चुग (56) व सास रेशमा मुकेश चुग (54) आये दिन दहेज लाने के लिये उनकी बेटी अलका को मानसीक व शारीरिक प्रताड़ना देते थे, 22 मार्च 2020 की सुबह 11 बजे जैसे ही पिता अमरलाल

को बेटी अलका की सूचना मिली वैसे ही वह सपरिवार के साथ 10 मिनट में उसके ससुराल पहुचे, बैडरूम के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझती बेटी अलका को बचाने के लिए पिता अमरलाल वलेच्छा उसे तुरन्त समीप के रामरक्षा हॉस्पिटल ले गए जहां डॉक्टरों ने सेंट्रल हॉस्पिटल भेज दिया, जांचोपरांत सेंट्रल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने अलका को मृत घोषित कर दिया,
पिता अमरलाल वलेच्छा और चाचा गुलाब वलेच्छा के अनुसार खबर प्रनिका की मौत की ख़बर मिलने के 10 मिनट में ही जब वो लोग अलका उर्फ प्रनिका के घर गये तो बेटी बिस्तर पर पड़ी हुई मिली, गले पर निशान थे, ना ही पंखे पर लटकी हुई थी, और ना ही कमरे में खुदकुशी के कोई निशान थे, बिस्तर से पंखे की दूरी भी मात्र 5.5 फीट थी तो 5 फ़ीट की प्रनिका पंखे से कैसे लटक सकती है, और पंखा टेढ़ा भी क्यु नहीं हुआ ऐसा तर्क प्रनिका के पिता और चाचा द्वारा दिया गया, अगर ये आत्महत्या है, और सास ससुर निर्दोष है तो वो फरार क्यु है? आगे उन्होंने ये भी कहा की, इस मामले को दबाने का भरसक प्रयास ईगल कंपनी के लोगो ने किया था, परन्तु डीसीपी प्रमोद शेवाले व एसीपी डी.डी.टेले के आदेश पर विट्ठलवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
मृतक अलका चुग के पिता अमर वलेच्छा व चाचा गुलाब वलेच्छा ने चुग परिवार पर आरोप लगाते हुये ये कहा कि, हमारी बेटी को हमने पाल पोस कर बड़ा किया है, हम सभी और उसके मित्र परिवार भी ये नहीं मानते की प्रनिका जैसी लड़की आत्महत्या कर सकती है, उसकी हत्त्या हुयी है, इसलिये सभी चुग परिवार वाले दोषियों को गिरफ्तार कर सज़ा दी जाए, हमारी बेटी के साथ इंसाफ हो, उसे न्याय मिले।
