नवरात्रि, गुढी पाडवा, चेटीचंड, उगादि का आगाज़, कोरोना वायरस के साये मे त्यौहार, देशवासियों में उदासीनता
देवेश मिश्रा की रिपोर्ट
उल्हासनगर, मुंबई । बुधवार से पूरे देश में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है, इस बीच कोरोना वायरस जैसी भयानक बीमारी ने अपना कोहराम मचा रखा है ,जिसके चलते कोरोना से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन के द्वारा कर्फ्यू जैसे हालात ने घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है । मुंबई महाराष्ट्र में सोमवार देर शाम से राज्य सरकार के द्वारा कर्फ्यू लगाये जाने से सभी दुकाने 2 दिन से बंद चल रही है। आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 21 दिनो के लिए पूरे देश मे लाकडाउन की घोषणा से लोग और सहम

गए । जिसके चलते नवरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को पूजा सामग्री व सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, परंतु इसके बाद भी भक्तों में नवरात्र उत्सव और माता के पूजा का उत्साह भरपूर देखने को मिल रहा है। माता भक्तों का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते उन्हें पूजा सामग्री दुकानों के बंद होने से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, परंतु उनके मन दिल में माता के प्रति अपार श्रद्धा भक्ति है । माता अपने भक्तों की व्यथा को जानती हैं, मां के भक्त घर में माता के कलश की स्थापना कर श्रद्धा भक्ति से माता से पूजा अर्चना कर कोरोना वायरस को नष्ट करने की दुआ मांगेंगे । ज्ञात हो कि बुधवार से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि के दौरान कोरोना वायरस महामारी को लेकर जहां देश भर में लोगों में भय व्याप्त है, वही नवरात्र त्यौहार को लेकर देवी भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है हालाकी मुंबई ठाणे कल्याण उल्हासनगर अंबरनाथ बदलापुर भिमंडी समेत अन्य शहरों में कर्फ्यू के चलते जगह-जगह पुलिस का भारी बंदोबस्त होने से माता भक्तों को नवरात्रि उत्सव को लेकर सामग्री खरीदने में असुविधा उत्पन्न हो रही है ,परंतु भक्तों का उत्साह कोरोना वायरस को लेकर कहीं पर भयभीत नजर नहीं आ रहा है, चैत्र नवरात्रि का पूजा करने वाले माता भक्त अपने अपने घरों में माता के आगमन कलश की तैयारी में जुट गये हैं, बता दें की नवरात्रि यानी नौ रातें चैत्र नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के सभी नव रूपों की पूजा घर घर की जाती है ,हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल चैत्र महीना के पहले दिन से ही नववर्ष की शुरुआत हो जाती है, साथ ही इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी हो जाती है, इसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा मराठी नव वर्ष के तौर पर मनाया जाता है, जबकी कर्नाटक आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादी के रूप में मनाया जाता है, बता दें की साल के मुख्य रूप से दो नवरात्रि आती है चैत नवरात्रि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है, जबकि शारदीय नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं ,हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह हर साल मार्च या अप्रैल के महीने में आते हैं. इस बार चैत्र नवरात्र 25 मार्च 2020 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2020 को खत्म हो रहे हैं. सिंधी समुदाय का चेटीचंड पर्व भी इसी कार्यकाल में होता है, वहीं, राम नवमी 2 अप्रैल 2020 को मनाई जाएगी।
नवरात्रि की तिथियां…
25 मार्च 2020: नवरात्रि का पहला दिन, प्रतिपदा, कलश स्थापना, चंद्र दर्शन और शैलपुत्री पूजन । 26 मार्च 2020: नवरात्रि का दूसरा दिन, द्वितीया, बह्मचारिणी पूजन। 27 मार्च 2020: नवरात्रि का तीसरा दिन, तृतीया, चंद्रघंटा पूजन। 28 मार्च 2020: नवरात्रि का चौथा दिन, चतुर्थी, कुष्मांडा पूजन। 29 मार्च 2020: नवरात्रि का पांचवां दिन, पंचमी, स्कंदमाता पूजन। 30 मार्च 2020: नवरात्रि का छठा दिन, षष्ठी, सरस्वती पूजन। 31 मार्च 2020: नवरात्रि का सातवां दिन, सप्तमी, कात्यायनी पूजन। 1 अप्रैल 2020: नवरात्रि का आठवां दिन, अष्टमी, कालरात्रि पूजन, कन्या पूजन। 2 अप्रैल 2020: नवरात्रि का नौवां दिन, राम नवमी, महागौरी पूजन, कन्या पूजन, नवमी हवन, नवरात्रि पारण होगा।
