मनपा का 775 करोड़ रुपयों का बजट स्थाई समिती में मंज़ूर, बस सेवा 16 बस खरेदी के लिये 3 करोड़ रुपयों का प्रस्ताव,वालधुनी नदी सम्वर्धन के लिये 2 करोड़ रुपये मंज़ूर
देवेश मिश्रा की रिपोर्ट
उल्हासनगर, मुंबई । मनपा आयुक्त के द्वारा मनपा के सुधारित अनुमानित वर्ष 2020 व 21 के लिए 483 41 करोड रुपए का बजट मनपा स्थाई समिति को फरवरी 2020 में प्रस्तुत किया गया था ,जिस बजट में मनपा स्थाई समिति के द्वारा बढ़ोतरी कर 775 करोड़ रूपया प्रावधान किया गया है, मनपा स्थाई समिति सभापति राजेश बदरिया द्वारा सुधारित किये गये बजट को आगामी मनपा सभा में सभी सदन के सदस्यों के सामने रखा जायेगा, प्राप्त जानकारी के अनुसार पानी की योजना

स्वास्थ्य सेवा के साथ साथ बससेवा शुरू करने हेतु 16 बस खरीदी के लिये 3 करोड़ रुपयों का प्रस्ताव, वालधुनी नदी सम्वर्धन के लिये 2 करोड़ रुपये मंज़ूर, प्रति पार्षद निधी 30 लाख, गड्ढे मुक्त सड़कों के लिए 10 करोड़, पत्रकार भवन के लिये 1 करोड़, वडोल गांव पुल रास्ते के लिये 4 करोड़ रुपयों का प्रावधान है, वही एलबीटी, प्रॉपर्टी टॅक्स, पानी बिल, अमृत योजना, अन्य नियामक शुल्क, एमआरटीपी, अनधिकृत निर्माण द्वारा वसुली करते हुये बढ़ोतरी की रकम को पुरा किये जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, स्थाई समिति सभापति के बजट में उल्हासनगर में बससेवा शुरू करने के लिये 16 बसें खरीदी जायेगी, मनपा स्थाई समिति सभापति राजेश बदरिया के द्वारा दिये गये बजट के दौरान उक्त बैठक में मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख, लेखा अधिकारी उपस्थित थे, ऐसी जानकारी मनपा स्थायी समिती सभापती राजेश वधरिया द्वारा दी गयी, उनके द्वारा घोषित ” नमामि उल्हास नमामि वालधुनी परियोजना ” के लिये वालधुनी नदी सम्वर्धन के लिये 2 करोड़ रुपयों का विशेष प्रावधान किये जाने का वालधुनी उल्हास नदी बिरादरी की तरफ से सहर्ष स्वागत किया जा रहा है। बता दें कि मनपा प्रशासन के द्वारा प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया जाता है परंतु शहर विकास कार्य को लेकर मनपा प्रशासन गंभीर नहीं हो पाती है और अंततोगत्वा अंत में मनपा प्रशासन आर्थिक तंगी बताकर शहर विकास कर पाने में नाकाम हो जाती है, ध्यान देने की बात है की उल्हासनगर मनपा के अधिकारियों के उदासीनता के चलते शहर के नागरिकों के द्वारा जमा किये जाने वाले टैक्स का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर किये जाने की बात लगातार सामने आती रहती है ,जिसके खिलाफ शहर के जागरूक नागरिकों के द्वारा आवाज उठाई जाती है ।
