समाज में आखिरी पंक्ति के व्यक्तियों को मुख्यधारा में जोडना बाबा साहब का था सपना- सांसद
रिपोर्ट बृजेश गुप्ता
श्रावस्ती । भारत रत्न डा0 भीमराव रामजी अम्बेडकर जी के जन्म दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हाल में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मा0 सांसद दद्दन मिश्रा,विधायक राम फेरन पाण्डेय, जिलाध्यक्ष महाराज कुवंर तिवारी एंव जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर उनको नमन किया। इस अवसर सांसद दद्दन मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाबा साहब श्रेष्ठ चिन्तक, ओजस्वी लेखक, तथा यशस्वी वक्ता एवं स्वतंत्र भारत क


े प्रथम कानून मंत्री एंव भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माणकर्ता हैं। विधि विशेषज्ञ, अथक परिश्रमी एवं उत्कृष्ट कौशल के धनी व उदारवादी, सुदृण व्यक्ति के रूप में डॉ0 आंबेडकर ने संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ0 आंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक भी माना जाता है। इसलिए भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने बाबा साहब के 127 वें जन्म दिवस को न्याय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।सांसद ने कहा कि डॉ आंबेडकर की लोकतंत्र में गहरी आस्था थी। उनकी दृष्टी में राज्य एक मानव निर्मित संस्था है। इसका सबसे बङा कार्य समाज की आन्तरिक अव्यवस्था और बाह्य अतिक्रमण से रक्षा करना है परन्तु वे राज्य को निरपेक्ष शक्ति नही मानते थे। उनके अनुसार. किसी भी राज्य ने एक ऐसे अकेले समाज का रूप धारण नहीं किया जिसमें सब कुछ आ जाय या राज्य ही प्रत्येक विचार एवं क्रिया का स्रोत हो। इस अवसर पर श्रावस्ती विधायक राम फेरन पाण्डेय ने कहा कि डा भीम रामजी अम्बेडकर अनेक कष्टों को सहन करते हुए अपने कठिन संर्घष और कठोर परिश्रम से उन्होंने प्रगति की ऊंचाइयों को स्पर्श किया था। अपने गुणों के कारण ही संविधान रचना में संविधान सभा द्वारा गठित सभी समितियों में 29 अगस्त, 1947 को प्रारूप समिति जो कि सर्वाधिक महत्वपूर्ण समिति थी, उसके अध्यक्ष पद के लिये बाबा साहब को चुना गया था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ0 अम्बेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। संविधान सभा में सदस्यों द्वारा उठायी गयी आपत्तियों, शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का निराकरण उनके द्वारा बङी ही कुशलता से किया गया। उनके व्यक्तित्व और चिन्तन का संविधान के स्वरूप पर गहरा प्रभाव पङा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महाराज कुवंर तिवारी ने अपने सम्बेाधन में कहा कि डा0 भीमराव रामजी अम्बेडकर के प्रभाव के कारण ही संविधान में समाज के दलित वर्गों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के उत्थान के लिये विभिन्न संवैधानिक व्यवस्थाओं और प्रावधानों का निरुपण किया यह परिणाम स्वरूप भारतीय संविधान सामाजिक न्याय का एक महान दस्तावेज बन गया साथ ही साथ बाबा साहब ने सभी वर्गों के लिए कार्य किये। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर, जिन्हें बाबासाहेब अंबेडकर के रूप में भी जाना जाता है, एक न्यायविधिक, सामाजिक और राजनीतिज्ञ सुधारक थे, अछूतता और जाति प्रतिबंध जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। बाबा साहब को भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। अंबेडकर जी ने 1927 में इकोनॉमिक्स में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। 8 जून, 1927 को, उन्हें कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि अपने काम को पूरा करने के बाद डा0 भीमराव रामजी अम्बेडकर ने कहा कि ‘‘मैं महसूस करता हूं कि संविधान, साध्य (काम करने लायक) है, यह लचीला है पर साथ ही यह इतना मजबूत भी है कि देश को शांति और युद्ध दोनों के समय जोड़ कर रख सके। वास्तव में, मैं कह सकता हूँ कि अगर कभी कुछ गलत हुआ तो इसका कारण यह नही होगा कि हमारा संविधान खराब था बल्कि इसका उपयोग करने वाला मनुष्य अधम था’’।इस मौके पर अनुसूचित/अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न योजनान्तर्गत 67 लाभार्थियों को एवं स्वतः रोजगार हेतु 02 लाथार्थियों को सांसद/ श्रावस्ती विधायक/जिलाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण ने स्वीकृति पत्र दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन द्वारा कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवन दर्शन पर निबन्ध प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता,वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें तमाम स्कूली बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सांसद, विधायक, जिलाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधयों ने विजयी बच्चों को पुरूस्कृत किया। प0 दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय भयापुरवा के बच्चों ने सबसे ज्यादा पुरूस्कार प्राप्त किया। इसके साथ ही आश्रम पद्धिति विद्यालय सिरसिया, जवाहर नवोदय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, अलक्षेन्द्र इण्टर कालेज भिनगा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय हरिहरपुररानी के बच्चों ने भी पुरस्कार जीता। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ओ0पी0 सिंह, मुख्य विकास अधिकारी शिवनरायण ने भी डा0 भीमराव रामजी अम्बेडकर जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्राचार्य अलक्षेन्द्र इण्टर कालेज भिनगा, एम0ए0 जिला पंचायत श्रीकान्त दूबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी आर0वी0 सिंह, ओ0एस0डी0 शिवराज शुक्ला, आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चे वंहा के शिक्षक राजेश सोनकर प्रवक्ता, शशि भूषण प्रवक्ता अग्रेजी, सुग्रीव प्रवक्ता हिन्दी, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
