परमाणु बिजली घर का विरोध कर रहे ग्रामीण, सांसद प्रयागराज यमुना पार से मिला ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल

गोविंद नारायन मिश्रा की रिपोर्ट
कोरांव, प्रयागराज । कोराव तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलवनिया में प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के विरोध में एक सप्ताह तक ग्रामीणों को संगठित करने और हस्ताक्षर जुटाने के बाद न्यूक्लियर मुक्त अभियान कोराव के सदस्यों ने प्रयागराज यमुनापार के सांसद उज्जवल रमण सिंह से उनके शहर स्थित कार्यालय में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल सुबह बेलवनिया ग्राम पंचायत से प्रयागराज पहुंच कर ग्रामीण अपने साथ एक पत्र लेकर आए थे जिसमें उन्होंने कथित पुलिस उत्पीड़न से सुरक्षा देने और देवरी तथा लतीफपुर गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। सांसद ने कोरांव की जनता के साथ खड़ा होने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि विशेष कर उन वंचित किसानों और महिलाओं के साथ जिन्हें इस परियोजना के कारण विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है अब जबकि प्रधान ने सर्वेक्षण और मिट्टी की जांच के लिए दी गई अनुमति तथा अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस ले लिया है, एनटीपीसी को जनता की इच्छा का सम्मान करना चाहिए और उन्हें डराना धमकाना बंद करना चाहिए। समिति का पत्र देखने के बाद मैं प्रयागराज के जिला अधिकारी को पत्र लिखकर पुलिस की कथित धमकी और उत्पीड़न रोकने तथा प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के खिलाफ जनता की आपत्तियों पर ध्यान देने का आग्रह तत्काल कर रहा हूं। पिछले कुछ सप्ताह से बेलवानिया क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है । ग्रामीणों के अनुसार स्थानीय प्रशासन के साथ एनटीपीसी की दो टीम प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के लिए स्थल चयन प्रक्रिया के तहत मिट्टी के नमूने लेने और बोरवेल की खुदाई करने के उद्देश्य से क्षेत्र में प्रवेश करने पहुंची थी उस समय दोनों ही बार ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण विरोध करते हुए टीमों को आगे बढ़ने से रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि टकराव के दौरान एनटीपीसी के एक अधिकारी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल की धमकी दी। आरोप है कि अधिकारी ने समुदाय की महिलाओं का भी अपमान किया। जिससे गांव में व्यापक आक्रोश फैल गया है। इस घटना के बाद ग्रामीण आपस में बैठक आयोजित कर रहे हैं। प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के विरोध में हस्ताक्षर जुटाने के बाद ग्राम प्रधान ने भी अपना अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस ले लिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रस्तावित बिजली घर के सर्वेक्षण को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित बिजली घर से कुंभ मेले से जुड़े धार्मिक एवं पवित्र स्थलों और गंगा नदी पर भी प्रदूषण का असर पड़ सकता है।
प्रतिनिधिमंडल के युवा सदस्य सूर्य प्रकाश ने रोजगार के अवसरों की कमी और ग्रामीण युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर चिंता जताई, उन्होंने कहा हम इस देश की युवा हैं लेकिन हमारे लिए रोजगार के अवसर लगभग नहीं है। और शिक्षा पर भी बहुत कम ध्यान दिया जाता है। खेती किसानी ही आजीविका का ऐसा साधन है जिससे अभी भी हमें कुछ सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता रहा है। लेकिन अब यह परमाणु बिजली घर हमारी खेती और हमारी जिंदगी के लिए खतरा साबित हो सकता है। केंद्र सरकार आखिर हमें कहां जाने के लिए मजबूर करना चाहती है। शहरों की उन तंग गलियों में जहां ना हमें सम्मान मिलेगा और ना ही पर्याप्त आमदनी जीवन यापन के लिए हो सकेगी। अब हम सब एकजुट होकर इस खतरे के खिलाफ संघर्ष करेंगे हमें विश्वास है कि हमारे जनप्रतिनिधि इस लड़ाई में हमारा साथ देंगे।
