हॉलिस्टिक हेल्थ का तात्पर्य सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य से नही है , बल्कि स्वास्थ्य के प्रत्येक आयाम से है – डॉ सुभाष

राजेश पाठक की रिपोर्ट
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में षष्ठ दीक्षांत समारोह के पूर्व दीक्षोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में कुलपति प्रो.संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण और मार्गदर्शन में सप्ताहपर्यंत चलने वाले इस उत्सव में योगा उत्सव का आयोजन किया गया ।
समग्र स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा करते हुए पतंजलि विश्वविद्यालय के ओजस्वी व तेजस्वी सहायक आचार्य डॉ सुभाष जी ने बच्चों को स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम और इनकी बारीकियों के बारे में समझाते हुए बताया कि आप योग के विभिन्न साधनों के द्वारा संपूर्ण स्वास्थ्य को प्राप्त कर सकते हैं जिसमें उन्होंने मुख्यतः यम-नियम के द्वारा इंटर पर्सनल व इंटरापर्सनल मैनेजमेंट कि बारीकियों को समझाते हुए त्रिकाल संध्या को विशेष महत्व दिया एवं उसके वैज्ञानिकता को समझाया साथ ही पंचकोशीय ज्ञान और विज्ञान की महत्व को समझाते हुए उन्होंने विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि
हॉलिस्टिक हेल्थ का तात्पर्य सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य से नहीं है हॉलिस्टिक हेल्थ से तात्पर्य स्वास्थ्य और उसे संबंधित प्रत्येक आयाम से है जिसमें से मुख्यतः शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्वास्थ्य, व आध्यात्मिक स्वास्थ्य हैं ।
योग एवं संपूर्ण स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरा कह जाएं तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि यदि आप संपूर्ण रूप से स्वस्थ हैं आप योग की अवस्था में स्वत स्थित होते हैं और दूसरे तरह से देखा जाए तो यदि योग्य विभिन्न साधनाएं चाहे वह अष्टांग योग हो, पंचकोशीय साधना हो, भक्ति योग हो, ज्ञान योग हो, ध्यान योग हो, या मंत्र योग हो, किसी भी एक मार्ग का यदि आप अनुसरण करते हैं तो आप पूरी तरह से स्वस्थ हो सकते हैं अर्थात आप समग्र स्वास्थ्य की अवस्था को प्राप्त कर सकते हैं!
संयोजक – डॉ सरिता पाण्डेय
इनचार्ज- डॉ सन्ध्या जी एवं योग गुरु राजकुमार जी ने कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई ।

