नाबालिग छात्र गौरव की निर्मम मृत्यु के बाद दर-दर भटक रहे हैं परिजन


थाना सोनिया विहार पुलिस की दिख रही है बड़ी लापरवाही
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संदीप गुप्ता संवाददाता की रिपोर्ट
गाजियाबाद। बीते 12 मार्च को गौरव 15 वर्ष को दोपहर स्कूल के लिए घर से अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर स्कूल में पेपर देने के लिए निकला था। जिसके बाद अंकुर विहार थाना क्षेत्र में लगभग एक घंटे बाद आगजनी की घटना का प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आने के बाद पूरी घटना के बाद आग में झुलसे से गौरव को जीटीवी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पांचवें दिन तक इलाज के दौरान पांचवें दिन गौरव की अस्पताल में ही मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से मृतक गौरव के परिजन न्याय के लिए थाना सोनिया विहार पुलिस एवं थाना अंकुर विहार पुलिस के चक्कर काट काट कर थक चुके हैं। परंतु दोनों थाने की पुलिस अब तक भी यह निर्णय नहीं निकल पाई की घटना की एफ आई आर किस थाने में दर्ज होगी, जबकि पीड़ित पक्ष का निवास थाना सोनिया विहार क्षेत्र दिल्ली में आता है और मृतक गौरव को उसका दोस्त घर से मोटर साइकिल पर दोपहर स्कूल के लिए घर से ही लेकर गया था जिसका वीडियो फुटेज भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। परिजनों का आरोप है कि इस तरह संदिग्ध परिस्थिति में आगजनी की घटना की जांच होनी चाहिए क्योंकि मृतक गौरव के अनुसार उसके दोस्त जतिन पुत्र संजय शर्मा निवासी चौहान पट्टी थाना सोनिया विहार दिल्ली , मृतक गौरव ने घर से जाने के बाद एक से डेढ़ घंटे बाद ही अपनी बुआ अनोखी को फोन कॉल किया गया और घटना के बारे में दोस्तों का हाथ बताने का भी जिक्र किया गया। मृतक गौरव की बुआ के अनुसार फोन कॉल पर मृतक गौरव ने बताया कि उसके दोस्त उसके साथ अच्छा नहीं कर रहे हैं उसके साथ कुछ अनहोनी होने की शाम तक आशंका भी जताई। और जतिन पुत्र संजय शर्मा के फोन कॉल से मृतक गौरव के फोन पर एक घंटे के अंदर 5 से 6 कॉल भी किए थे जिसकी कॉल डिटेल भी परिजनों के पास है। वहीं थाना सोनिया विहार पुलिस की हद तो तब हो गई पीड़ित के पिता द्वारा 112 नंबर पर कॉल करने के बाद भी पुलिस ने अस्पताल में जाकर बयान तक दर्ज नहीं किया। जबकि घटना का क्षेत्र अंकुर विहार होने के कारण, अंकुर विहार पुलिस ने गौरव को जीटीवी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। पीड़ित पक्ष ने डीसीपी उत्तर पूर्व दिल्ली में लिखित शिकायत भी दी है।इतने साक्ष्य होने के बावजूद भी थाना सोनिया विहार की पुलिस पीड़ित परिजनों को भटकने के लिए मजबूर कर रही है । मजबूर मृतक गौरव की मां किरन का रो रो कर बुरा हाल है वहीं उनके अनुसार यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह भी मजबूरन आत्महत्या की तरफ उठा सकती हैं कड़ा कदम। मृतक गौरव की मां किरण का कहना है कि गौरव उनका इकलौता बेटा था और उसके जाने के बाद उनका संसार सुना हो गया है उनके भी जीने की अपने जीवन में उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है। परंतु उनके ह्रदय मन की इच्छा है कि उनके पुत्र को की मौत का राज खुलना चाहिए और जो भी दोषी हो उनको सजा मिलनी चाहिए। परिजनों का आरोप है कि उनका पड़ोस में रहने वाले कमल गुलाटी से रंजिश चल रही थी। कमल गुलाटी ने दो साले महेश एवम गोलू के साथ आकर बड़ा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। वहीं हॉस्पिटल में गौरव की मृत्यू की सूचना उनसे परिजनों ने अपने घर पर चौहान पट्टी पर दी जिसके तुरंत बाद ही कमल गुलाटी अपने परिवार सहित घर से गायब हो गए।




