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विकास भवन सभागार कक्ष में जिला योजना 2023-24 के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला योजना हेतु प्राविधानिक धनराशि 7087.28 लाख की विभागवार आगामी वित्त वर्ष के प्रस्तावों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुई

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कुणाल शर्मा की रिपोर्ट

उत्तरकाशी। विकास भवन सभागार कक्ष में जिला योजना 2023-24 के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला योजना हेतु प्राविधानिक धनराशि 7087.28 लाख की विभागवार आगामी वित्त वर्ष के प्रस्तावों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुई।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य आदि विभाग योजनाओं का प्रस्ताव इस प्रकार बनायें जो आमजनमानस के विकास से जुडे हों। उन्होेंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में पॉली हाउस में विभिन्न उपजों की अपार संभावनाएं होती है । इस हेतु ठोस कार्य योजना बनायी जाए । जिससे गांवों में पॉली हाउस निर्माण से किसानों की आय सृजन हो सके l साथ ही पाली हाउस में उपज को बढ़ाने के लिए अच्छे बीज दिये जांए तथा कृषिकों को समय-समय पर इसकी ट्रेनिंग भी दी जाए।

उन्होंने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि पशुपालन के साथ ही डेयरी उद्योग को बढावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें, जिससे अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से लाभान्वित कर रोजगार से जोडें। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्रोें में पशुपालन को बढावा देने के लिए अधिकारी किसानों को सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नवीन योजनाओं के प्रस्ताव में अनुमोदन से पहले पूर्व की योजनाओं जिन पर कार्य गतिमान है व कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किये गये है l उन कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, सड़क, आदि रेखीय विभागों की समीक्षा करते हुये कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 किये जाने वाले कार्यों की गहनता से प्लानिंग करने साथ ही प्रस्तावित करें l उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में रंग रोगन व मरम्मतीकरण तथा उद्यान विभाग को उद्यानिकी कार्य किये जाने के आवश्यक निर्देश दिए l

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विकास परख योजनाओं को धरातलीय स्वरूप देना बेहद जरूरी है l उन्होंने कहा कि केसर, जायका आदि उत्पादों के उत्पादन व अधिक से अधिक पोल्ट्री फार्म का निर्माण कर योजनाओं से लोगों को जोडा जाए। उन्होंने कहा स्वरोजगार योजना में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को लाभ दिये जाने के लिए कार्य किये जाए ।

इस अवसर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी चेतना अरोरा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बलदेव सिंह डोगरा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी भरत दत्त ढौंडियाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र शैली डबराल, जिला क्रीड़ा अधिकारी निधि विन्जोला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे l

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