भगवत प्रेम ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है – पंडित सर्वेश प्रपन्नाचार्य

राकेश मौर्य की रिपोर्ट
मुँगराबादशाहपुर, जौनपुर। भगवान श्री कृष्ण ने प्रेम की स्थापना के लिए 11 वर्ष तक वृंदावन में निवास किया प्रेम की आचार्य श्री राधा रानी एवं ब्रज की गोपियां है गोपियों ने निष्काम भाव से भगवान से प्रेम किया गोपियों ने भगवान से प्रेम के बदले केवल भगवान को चाहा भगवान श्री कृष्ण गोपियों से कहा की मैं तुम्हारे प्रेम का सदैव ऋणी रहूंगा प्रेम ही सबसे बड़ा पोषक तत्व है प्रेम पूर्वक दिया गया रुखा सुखा भोजन भी पुष्टि दायक होता है एवं तिरस्कार पूर्वक दिया गया मेवा मिष्ठान भी कुछ होता है उद्धव जी को भगवान ने गोपियों के पास प्रेम का पाठ पढ़ाने के लिए भेज थे उद्धव जी ने 6 माह तक ब्रज में निवास कर के गोपियों से भगवत प्रेम का रहस्य समझाया तथा भगवान श्री कृष्ण से यही चाहा कि मुझे लता ब्रिज का औषधि बनाकर के ब्रज में ही सदा सर्वदा के लिए निवास प्रदान करें कथा श्रवण हेतु श्री अतर सिंह पुलिस उपाधीक्षक मछलीशहर, श्री सदानंद राय थानाध्यक्ष मुगरा बादशाहपुर, श्री अजय कुमार पाण्डेय चौकी प्रभारी सतहरिया, पप्पू सिंह, पिंटू सिंह, नन्हकऊ पाण्डेय, राजू पाण्डेय, गिरीश शर्मा, राजन मिश्रा, बचऊ मिश्र, सुरेश मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, किंटू मिश्र, प्रतिमा दूबे, डॉ निलेश दूबे, अवधनारायण यादव प्रधान, रामअभिलाष प्रधान विजय दूबे, अनिल चौबे, रवि शुक्ला, प्रशांत सिंह, आदि उपस्थित रहे।
