पूरे जनपद में मनाया गया उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, भारत रत्न पं० गोविंद वल्लभ पंत जी की जयंती

विन्देश्वरी पाण्डेय की रिपोर्ट
बलरामपुर । आजादी के अमृत
महोत्सव एवं चौरीचौरा शताब्दी समारोह की श्रृंखला में उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, तथा पूर्व गृहमंत्री और भारत रत्न से नवाजे गये पं० गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती पूरे जनपद के शैक्षणिक संस्थानों सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया ।कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रुति ने गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया ।जिलाधिकारी ने पंत जी के सत्कृतियों का स्मरण करते हुए कहा कि पंत जी का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है ,उन्होंने असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार एवं नमक सत्याग्रह में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। पंत जी महान देशभक्त, कुशल प्रशासक,सफल वक्ता तथा अपनी लेखनी से बेहद सशक्त थे। वह उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश के जमीदारी उन्मूलन प्रथा को खत्म करके ,भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं के सफल संचालक रहे। देश के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि भावी पीढ़ी को अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सिद्धांतों से परिचित कराएं, उनके दिखाएं सिद्धांतों, मार्गो पर चलने को प्रेरित करें। इसी कड़ी में जनपद के शैक्षणिक संस्थानों में भी पं॰ गोविंद बल्लभ पंत जी की मूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया। छात्र-छात्राओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से भारत रत्न पं॰ गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती पर लोक भवन लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का प्रसारण भी दिखाया गया । इस अवसर पर क्लेक्ट्रेट सभागार में उप जिलाधिकारी बलरामपुर सदर अरुण कुमार गौड़, प्रशिक्षु एसडीएम शिवम सिंह, डॉ कपिल मदान, आपदा सलाहकार सचिन मदान, बाबूराम पांडे व अन्य अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
