भूमिहीनों के खेत समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर प्रधान और सचिव डकार गये लाखों का सरकारी धन
पचपेड़वा (बलरामपुर)। बलरामपुर जनपद में विकास कार्य के नाम पर सबसे ज्यादा फर्जी कार्य दिखाकर अनर्गल तरीके से सरकारी धन का भुगतान अगर कहीं होता है तो वह है जनपद का विकास खण्ड पचपेड़वा । कुबेर के खजाने की बागडोर लेने वाले अधिकारी और कर्मचारी किस तरह ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर सरकारी धन को लूट रहे हैं इसका एक उदाहरण है इस ब्लॉक का ग्राम पंचायत गनवरिया बगुलहा , जहाँ पर नव निर्वाचित ग्राम प्रधान और उनके सगे भाई जो रोजगार सेवक है दोनों भाई आपस की मिलीभगत कर भूमिहीनों के नाम पर खेत का समतलीकरण और मेड़बंदी दिखाकर करीब 1लाख 66 हजार 668 रूपये सेक्रेटरी से मिलकर मनरेगा के खाते से इतने ही चंद समय में केवल एक ही कार्य दिखाकर डकार लिया है । जिन भूमिहीनों के नाम से सरकारी धन का भुगतान किया गया है उनके नाम क्रमशः विनोद कुमार 43 हजार 860 रुपये , नूरजहां 35 हजार 700 रुपये , श्याम लाल प्रजापति 47 हजार 328 रुपये है । गौर करने वाली बात तो यह है कि सरकारी अभिलेखों में इनके नाम पर एक भी इंच जमीन ही नहीं है तो फिर मेड़बंदी और समतलीकरण कहाँ किया गया । इसके अलावा वसीम के खेत का भी समतलीकरण और मेड़बन्दी दिखाकर उनके नाम पर 39 हजार 780 रुपये का भुगतान किया गया है इनके पास कुछ जमीन तो है परन्तु कार्य यहां भी नहीं हुआ है । इसके अलावा हैंडपंप मरम्मत ,दवा छिड़काव स्टेशनरी तथा वृक्षारोपण आदि के नाम पर भी लाखों रुपए का गोलमाल किया गया है । ग्रामीणों का कहना है कि अगर सक्षम और न्यायप्रिय अधिकारी से जांच करवाया जाय तो जैसे दूध और पानी को अलग करके शुद्ध दूध का पहचान कर लिया जाता है उसी तरह इस पूरे लूट खसोट से पर्दा हटाकर सच्चाई को सामने लाया जा सकता है और पूरी तस्वीर साफ साफ नजर आ जायेगी । ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक दोनों सगे भाई है जो बड़ी ही गोपनियता से फर्जी बिल वाउचर के सहारे सरकारी धन को डकार रहे हैं जिसकी जानकारी चंद पढ़े लिखे लोग ही कर पा रहे हैं बाकी किसी को कुछ पता ही नही लग पाता है ।सबसे खास बात तो यह है कि दबंग प्रधान के भय से यहां के ग्रामीण आगे आकर किसी से जुबान खोलने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे है । लेकिन दबी जुबान यह स्वीकार कर रहे हैं कि हमारे ग्राम पंचायत में बिना विकास कार्य किये अभी से ही लाखो रूपये सरकारी धन का गबन ग्राम प्रधान और उनके सगे भाई रोजगार सेवक के द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से कर लिया गया है । जिसका जांच होना नितान्त आवश्यक है अन्यथा ग्राम प्रधान गांव का विकास न करके खुद अपना ही विकास करते रहेंगे ।
