भगवान जब घर में आते हैं तो खुशहाली व सुख-समृद्धि कायम रहती है – माता प्रसाद पाण्डेय
मुंबई, महाराष्ट्र । गणेश चतुर्थी ‘विनायक चतुर्थी’ के नाम से भी जानी जाती है। उक्त बाते भारतीय सहारा से बातचीत के दौरान मुंबई के पूर्व पुलिस सब इंस्पेक्टर पं. माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा । उन्होंने बताया कि भाद्रपद चतुर्थी तिथि से दस दिन तक अर्थात अनंत चतुर्दशी तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। यह उत्सव महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन अब दक्षिण भारत व उत्तर भारत में

भी बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। लोग श्रद्धा से गणेश जी की मूर्ति की स्थापना अपने घर, गली, मोहल्ले में करते हैं और रोज उनकी पूजा, आरती व रंगारंग कार्यक्रमों से वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। पाण्डेय ने कहा कि तीन, पांच या दस दिन बाद मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। विसर्जन करने के पीछे मान्यता है कि जिस प्रकार मेहमान घर में आते हैं तो कुछ लेकर आते हैं इसी प्रकार भगवान को भी हम हर वर्ष अपने घर बुलाते हैं, वे घर में पधारते हैं तो जरूर सभी के लिए कुछ न कुछ लेकर आते हैं इस प्रकार घर में खुशहाली व सुख-समृद्धि कायम रहती है । इसी के साथ आप सभी क्षेत्रवासियों को गणेश चतुर्थी व गणेश उत्सव की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं – माता प्रसाद पाण्डेय घाटकोपर, मुंबई, महाराष्ट्र ।
