अयोध्या में अब गोबर से गणेश बनाने की नई पहल शुरू- ई. रवि तिवारी


अयोध्या। राम नगरी श्री अयोध्या धाम में भगवान श्री राम की जन्म स्थली पर बनने वाले श्री राम मंदिर की नींव पड़ते ही लोगों में अयोध्या को स्वच्छ,दिव्य और प्रदूषण मुक्त बनाने की सोच बलवती हो चली है। श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए 3 वर्ष पूर्व अयोध्या में 71 दिवसीय श्री राम दर्शन यात्रा के समन्वयक ई. रवि तिवारी निरंतर अभिनव प्रयोग किया करते हैं। श्री राम दर्शन यात्रा भी उसी अभिनव प्रयोग की एक कड़ी थी। जिसमें तत्कालीन फैजाबाद जनपद (अब अयोध्या) के प्रत्येक ग्राम पंचायतों से श्री राम भक्तों की टोली राममंदिर निर्माण की मांग के जयघोष के साथ अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर टाट में विराजमान अपने आराध्य के दर्शन के लिए पहुंची थी। उस समय अयोध्या में पुनः भव्य राम मंदिर के समर्थन में एक आवाज बुलंद हुई थी। इसके बाद बुलंद आवाज ने आन्दोलन का रूप ले लिया था।
इसी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्री राम मंदिर के नींव पूजन के बाद भगवान राम के अयोध्या धाम को स्वच्छ,दिव्य, और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू हुई है।
सोसायटी फार एजुकेशन वेलफेयर एंड अवेयरनेस (SEWA), सेवा के सचिव ई. रवि तिवारी कहते हैं कि इस वर्ष दीपोत्सव में गाय के गोबर से निर्मित दीपक, धूपबत्ती एवं पूजन हेतु श्री गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति का प्रयोग किया जाये। इस निमित्त योजना लगभग अन्तिम चरण में है। अद्यतन 1 लाख दीपक एवं 100 जोड़ी मूर्ति निर्माण की योजना हैl उन्होंने कहा कि मैं स्वयं इस बार अपने परिवार में इन वस्तुओं का उपयोग करने वाला हूँ।
सम्भवतः सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में इन वस्तुओं के अयोध्या में निर्माण हेतु प्रशिक्षण की योजना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पुण्य कार्य में यदि आप उत्पादन, विपणन एवं प्रसार में सहयोगी हो सकते हैं तो कृपया इस अभियान को प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
इन वस्तुओं को खरीद कर स्थानीय स्तर पर विकसित इस उत्पाद का प्रयोग करें। जल्द ही अयोध्या की धरती से इस प्रकार उत्पादों की बृहद् स्तर पर व्यावसायिक संरचना मूर्तरूप लेगी सहयोग में बलराम तिवारी,दीपक शुक्ला प्रवीण सिंह, पुष्कर तिवारी,सौरभ आदि लोग लगे है।
