साधना श्री सामाजिक संस्थान द्वारा विषय संगोष्ठी पर डॉ आभा त्रिपाठी की विशेष परिचर्चा
जौनपुर । साधना श्री सामाजिक संस्थान द्वारा विषय संगोष्ठी पर डॉ आभा त्रिपाठी ने विशेष परिचर्चा में भाग लेकर समाज एवं भारतीय संस्कृति एवं उसके उत्थान एवं समाज में होने वाले विघटन संबंध में एकजुटता कारण इत्यादि विषयों पर विषय संगोष्ठी आयोजित की गई इस पर लोगों ने अपने अपने विचारों के माध्यम से एक

परिचर्चा स्थापित किया साथ ही साथ भारत की संस्कृति भारत की सभ्यता भारत की एकता अखंडता आदि विषयों पर डॉ आभा त्रिपाठी ने अपने विचारों को व्यक्त किया एवं समाज में होने वाले वर्तमान परिदृश्य से भिन्न भिन्न सामाजिक विघटन इत्यादि पर विषय संगोष्ठी में डॉ आभा त्रिपाठी ने कहा कि अगर भारतीय एकता भारतीय सभ्यता भारतीय धार्मिकता को आज वर्तमान में अपनाया जाए तो जो वैश्विक महामारी का रूप करोना लिया है आज ऐसी दुर्दशा हमारे देश हमारे विश्व की नहीं होती और भारत की सभ्यता तो पुराने समय से ही नमस्ते गुरु वंदना माता पिता की सेवा इतिहास में ही निहित है आगे चलकर समाज को इसी को अपनाना होगा जिससे एक अखंड भारत के सपनों को साकार किया जा सकता है और उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ही भारत की पहचान है जो आज के परिवेश में विलय होता जा रहा है जिसे बचाना हमारा आपका एक देश हित के लिए जिम्मेदारी होगी, साथ ही साथ उन्होंने साधनाश्री संस्थान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस वैश्विक महामारी अपने पूरे कर्तव्य और निष्ठा के साथ कार्य कर रहे सभी सदस्यों का साधुवाद. इस विषय संगोष्ठी पर डॉ कीर्ति त्रिपाठी, मनु त्रिपाठी, अनामिका, शुभ जी सहित अन्य लोगों ने अपने विचार को व्यक्त किया ।
