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अवध विश्वविद्यालय का अनोखा कारनामा विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएससी ओटीटी के 70 नंबर के पेपर में 80 नंबर देकर परीक्षाफल किया घोषित

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अरविन्द सिंह की रिपोर्ट
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अपने नये कारनामे को लेकर चर्चा में है। विवि प्रशासन ने इस बार बीएससी ओटीटी के 70 नंबर के पेपर में 80 नंबर देकर परीक्षाफल घोषित कर दिया। इससे उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर सवाल खड़े होने लगे हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाएं प्रश्नों के निर्धारित अंक के आधार पर नहीं चेक हुईं हैं।मालूम हो कि अवध विवि ने गुरुवार को बीएससी ओटीटी समेत कई प्रोफेशनल कोर्सों का परीक्षाफल घोषित किया। इनमें बीएससी ओटीटी के परीक्षाफल में बड़ी चूक पाई गई है। 70 अंक के प्रश्नपत्रों वाले सब्जेक्ट में 80 नंबर देकर परीक्षाफल घोषित कर दिया गया।अवध वि॰ वि॰ ने गोंडा जनपद के एससीपीएम पैरामेडिकल ऑफ कॉलेज को बीएससी ओटीटी की मान्यता दी है। दो वर्ष के इस कोर्स में एक दर्जन से अधिक विद्यार्थी हैं। गुरुवार को जब विवि प्रशासन ने परीक्षा परिणाम घोषित किया तो विद्यार्थियों ने पाया कि उन लोगों ने 70 नंबर का पेपर दिया था जबकि घोषित रिजल्ट में कई बच्चों को 80 नंबर दे दिए गये हैं।
अवध विवि के बीएससी ओटीटी की परीक्षा में हुई त्रुटि पर छात्रों का आरोप है कि पूरी उत्तर पुस्तिकाएं गलत चेक हुईं हैं। सभी उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा चेक कराया जाना चाहिए। बीएससी ओटीटी के छात्र आलोक कुमार शुक्ला का कहना है कि 70 नंबर का पेपर 80 नंबर में चेक हुआ है। इसलिए ये आवश्यक है कि उत्तर पुस्तिकाएं दोबारा चेक करायी जाएं। वही
बीएससी ओटीटी के छात्र राजन बाबू बताते हैं कि ये विवि के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। परंतु
अवध विवि प्रशासन ने बीएससी ओटीटी के परीक्षाफल में एजेंसी की मानवीय चूक बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बताया है कि मामले में एजेंसी की चूक है। वेबसाइट पर लोड परीक्षाफल में संशोधन किया जा रहा है, हालांकि एजेंसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों में उक्त एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की है।

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