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अधिकृत अधिवक्ता गण को ही न्यायालय परिसर में स्थित आभासी न्यायालय के रूप में चिन्हित किए गए कक्ष में उपस्थित होने की अनुमति प्रदान की जाएगी

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जौनपुर (सू0वि) । जनपद न्यायाधीश मदन पाल सिंह ने बताया है कि महा निबंधक माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा महामारी कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के समस्त जनपद न्यायालयों में 08 मई 2020 से न्यायिक कार्य प्रारंभ किए जाने के संबंध में मार्गदर्शक बिंदु निर्धारित किए गए हैं। जनपद जौनपुर को ऑरेंज जोन में रखा गया है। उक्त के आधार पर माननीय न्यायालय से प्राप्त उपरोक्त पत्र में ऑरेंज जोन में स्थित जनपद न्यायालयों में 8 मई 2020 से अग्रिम आदेश तक न्यायिक कार्य संपादित किए जाने हेतु खोला जाना है। किसी तिथि में नियत किए गए वादों में अधिकृत अधिवक्ता गण को ही न्यायालय परिसर में स्थित आभासी न्यायालय के रूप में चिन्हित किए गए कक्ष में उपस्थित होने की अनुमति प्रदान की जाएगी। हेरिटेज भवन में केंद्रीय नजारत अनुभाग से लगा हुआ न्यायालय, जो अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पंचम के न्यायालय हेतु निर्धारित था और जिसे अब अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट/रेंप, द्वितीय जौनपुर के न्यायालय हेतु निर्धारित किया गया है, को प्रश्न गत अवधि में आभासी न्यायालय न्यायालय के रूप में चयनित किया गया है । उक्त विवरण जनपद न्यायालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि वादकारियों अथवा अन्य प्रतिनिधियों का न्यायालय परिसर अथवा न्यायालय कक्ष में प्रवेश पूर्णतया वर्जित रहेगा सिस्टम ऑफिसर को निर्देशित किया है कि इस आदेश द्वारा निर्धारित की गई व्यवस्था को जनपद न्यायालय की वेबसाइट पर सूचनार्थ अपलोड करें। जनपद न्यायाधीश ने परिसर की दैनिक सफाई, संपूर्ण सैनिटाइजेशन एवं परिसर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग कराए जाने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिया। जनपद की जोनल स्थिति (ग्रीन, ऑरेंज अथवा रेड) एवं जिला प्रशासन द्वारा महामारी के संकट के स्तर की सूचना दैनिक आधार पर उपलब्ध कराए जाने हेतु जिलाधिकारी को कहा गया। कोविड-19 के संबंध में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ,नई दिल्ली माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद केंद्रीय सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत किए गए निर्देशों मार्गदर्शन का अनुपालन समस्त पीठासीन अधिकारियों द्वारा किया जाए। 8 मई 2020 से न्यायिक कार्य प्रारंभ होने पर सत्र न्यायालय ,विशेष अधिकारिता वाले सभी न्यायालय एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट न.12 के न्यायालयो द्वारा न्यायिक कार्य को संपादित किया जाएगा। अति आवश्यक वादों की संख्या के दृष्टिगत प्रथम अपर जिला जज कोर्ट नंबर 01 जौनपुर तथा प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 12 जौनपुर के न्यायालयों द्वारा न्यायिक कार्य संपादित किया जाएगा। 08 मई 2020 से न्यायिक कार्य प्रारंभ होने पर आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की उपस्थिति( न्यूनतम संख्या में) सुनिश्चित करने का निर्णय संबंधित पीठासीन अधिकारी गण द्वारा लिया जाए।
न्यायिक कार्य प्रारंभ होने पर समस्त अधिकारीगण द्वारा निम्नलिखित कार्य संपादित किए जाएंगे ।विचाराधीन/ नए जमानत प्रार्थना पत्र, विचाराधीन बन्दियों की रिमांड/ न्यायिक कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। तकनीकी कठिनाई होने पर अन्य माध्यम का प्रयोग किया जा सकता है। जिन वादों में बहस की सुनवाई पूर्ण हो चुकी है, उनमें लंबित आदेश/निर्णय यदि कोई हो , पारित किए जा सकते हैं। कार्यालय से संबंधित अन्य लंबित कार्य तथा जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार कोई अन्य प्रशासनिक कार्य जो आवश्यकता हो संपादित किए जाएं।

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