जिलाधिकारी ने जिले में दर्जनभर से अधिक स्कूलों को बनाया क्वॉरेंटाइन सेंटर

अरविन्द सिंह की रिपोर्ट
अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देश के विभिन्न प्रदेशों में फंसे प्रदेश के नागरिकों को योगी सरकार की वापस लाने की कवायद के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया जा रहा है। जिसमें विभिन्न प्रांतों से आने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए क्वॉरेंटाइन किए जाने हेतु व्यवस्था किया जा रहा है।जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अलग-अलग तहसीलों में स्कूलों को चिन्हित किया गया है और उन्हें अधिग्रहित करके क्वॉरेंटाइन सेंटर का रूप दिया जायेगा।स्थानीय प्रशासन द्वारा जिन स्कूलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर के लिए चिन्हित किया गया है उनकी सूची निम्नलिखित हैं-
तहसील सदर में-के टी पब्लिक स्कूल बाईपास रोड जनौरा,एच0सी0जे0अकाडमी जनौरा, अवध इण्टर नेशनल स्कूल दर्शननगर,सावित्री महाविद्यालय दर्शननगर।तहसील सोहावल में-माँ वैष्णों देवी महाविद्यालय देवराकोट, ए0आई0टी0 इण्टर कॉलेज, फैज ए आम इण्टर कालेज रौनाही चौराहा। रुदौली में-डी०एस०एम० लॉयन पब्लिक स्कूल रौजागांव, इण्डियन इन्सटीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्सेज रौजागांव, आर्दश इण्टर कॉलेज रुदौली। बीकापुर में-भारती इण्टर कॉलेज बीकापुर, देश दीपक आर्दश इण्टर कॉलेज व महाविद्यालय तेंदुआ माफी बीकापुर,श्री कृष्ण इण्टर कॉलेज व महाविद्यालय मंगारी बीकापुर। मिल्कीपुर में_ विद्यामंदिर महाविद्यालय व इण्टर कॉलेज मिल्कीपुर, सेवरा इण्टर कॉलेज व ढोढेराम पी0 जी0 कॉलेज,चन्द्र गुप्त इण्टर कॉलेज कुचेरा,राष्ट्रीय विद्यापीठ इण्टर कॉलेज पिठला। आदि स्कूलों में क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी अनुज झा ने कहा कि इन आश्रय स्थलों पर अस्थायी स्क्रीनिंग एवं सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए दिये गये निर्देशों का पालन करते हुए अस्थायी आश्रय स्थल को पुरी तरह सैनिटाइज किया जायेगा और स्वच्छता का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाएगा तथा आश्रय स्थलों पर ठहरे हुए व्यक्तियों के मध्य में कम से कम 6 फीट की दूरी बनाये रखना सुनिश्चित किया जाएगा जिससे सामाजिक दूरी बनी रहे।
जिलाधिकारी महोदय ने इस व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन के लिए अपर नगर आयुक्त नगर निगम, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी, स्थानीय निकाय, खण्ड विकास अधिकारी जनपद अयोध्या को निर्देशित किया है कि टीम का गठन करके इन अस्थाई आश्रय स्थलों पर सैनिटाइजेशन व अन्य सम्बन्धित समस्त व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे बाहर से लाए लोगों को इन आश्रय स्थलों पर सरकार की मंशा के अनुरूप व्यवस्थित हुआ सुरक्षित रूप से ठहराया जा सके।
