मंडलायुक्त अयोध्या ने विवादित भूमि के साथ संपूर्ण अधिग्रहित परिसर पर मालिकाना हक ट्रस्ट को सौंपा

अरविन्द सिंह की रिपोर्ट
अयोध्या। विदित हो कि श्री राम जन्म भूमि मंदिर पर वर्षों से चल रहा विवाद विगत 9 नवंबर को समाप्त हो गया है। और 5 फरवरी को राम जमभूमि परिसर का चार्ज ट्रस्ट को सौंप दिया गया था। जिसके बाद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को तेज करते हुए टेंट में विराजमान भगवान श्री राम लला को परिसर में ही एक आधुनिक अस्थाई बुलेट प्रूफ मंदिर में विराजमान करा दिया और अब मंदिर निर्माण की तैयारी जोरों पर है इस दौरान मंदिर निर्माण से पूर्व 2.77 एकड़ के साथ 67 एकड़ भूमि का मालिकाना हक भी ट्रस्ट को देते हुए सभी दस्तावेजों को रिसीवर रहे मंडलायुक्त ने ट्रस्ट के सदस्यों को सौंप दिया है। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के बारे में बताया है कि अब किसी भी प्रकार का अड़चन मंदिर निर्माण के बीच नहीं होगा क्योंकि आज पूरा अधिकार ट्रस्ट को प्राप्त हो गया है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पतराय ने बताया कि परिस्थितियां सामान्य होते ही मंदिर निर्माण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा लेकिन इससे पहले देश की सुरक्षा ट्रस्ट के लिए सर्वमान्य है। उन्होंने भूमि के दस्तावेजों को लेकर बताया कि राम जन्मभूमि परिसर के रिसीवर व अयोध्या के मंडलायुक्त फैसला आने के बाद अयोध्या के राजा बिमलेंद्र मोहन मिश्र को चार्ज सौंप दिया था जिसके बाद अब विवादित भूमि के साथ 67 एकड़ पूरे अधिग्रहित परिसर से संबंधित कागजातों को ट्रस्ट को सौंप दिया है। अब आने वाले समय में मंदिर निर्माण में आने वाली समस्त बाधा दूर हो गई है।
