बहराइच । विकास खण्ड तेजवापुर अन्तर्गत ग्राम सभा लक्खाबौड़ी, हेमारिया, खसहा मोहम्मदपुर, गजपतिपुर, बैकुण्ठपुरवा के अनुसूचित जाति के 81 कृषकांे के लिए केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलोर द्वारा अनुदान के रूप में रू. 01 करोड़ की धनराशि प्रदान की गयी है। इस धनराशि से सभी 81 कृषकों के यहाॅ 0.50-0.50 एकड़ क्षेत्रफल में शहतूत की खेती करके रेशम कोया उत्पादन कराकर इनकी वार्षिक आमदनी के वृद्धि के लिए शहतूत वृक्षारोपण, तार फेन्सिंग, वर्मी कम्पोस्ट, प्रशिक्षण, कीटपालन उपकरण, एक्सपोज़र विज़िट एवं कीटपालन गृह का निर्माण कार्य कराया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि जनपद में रेशम उत्पादन के कार्यो को गति प्रदान करने के लिए सदस्य सचिव, केन्द्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार के आग्रह पर कर्नाटक राज्य में रेशम उत्पादन के क्रियाकलपों का जायज़ा लेने के उद्देश्य जिलाधिकारी अजय दीप सिंह ने जनपद के 02 उद्यमियों अनिल टेकड़ीवाल व अशोक मातनहेलिया के साथ 12 से 15 अक्टूबर तक तक मैंसूर एवं बैंगलोर में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के रेशम कृषकों के यहां शहतूत की खेती एवं रेशम उत्पादन के कार्य एवं बैंगलोर और रामनगरम में रेशम धागा एवं रेशम कपड़ा उत्पादन के कार्यो का अवलोकन/निरीक्षण किया गया था।
कर्नाटक के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने 14 अक्टूबर 2017 को केन्द्रीय रेशम बोर्ड के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान जनपद-बहराइच में रेशम उत्पादन कार्यो को बढ़ावा/गति देने तथा रेशम कोया उत्पादकों के आर्थिक स्तर में सुधार के लिए सहयोग की अपेक्षा की गयी थी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी की ओर से शहतूत की नई प्रजाति एवं जनपद की भौगोलिक परिस्थिति तथा वातावरण के अनुकूल रेशम कीटों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने की भी अपेक्षा की गयी थी। जिसके परिणाम स्वरूप केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलोर द्वारा 01 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है। यह जानकारी उप निदेशक रेशम बहराइच/श्रावस्ती ए.के. सिंह ने दी है।