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रेलकर्मियों ने किया यूनिफाइड पेंशन स्कीम का स्वागत

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राजेश पाठक की रिपोर्ट

बलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत पेंशन योजना (यू.पी.एस.) को मंजूरी दे दी है। इससे लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इस योजना से पूर्वोत्तर रेलवे में कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा। कर्मचारियों की गरिमा एवं आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली इस योजना की मंजूरी से कर्मचारियों एवं कर्मचारी संघों में हर्ष व्याप्त है। सभी ने इस योजना का खुल कर स्वागत किया है। इस योजना की मंजूरी के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल से एकीकृत पेंशन योजना (यू.पी.एस.) की स्वीकृति पर नरमू के महामंत्री के.एल. गुप्त ने कहा कि ये हम सभी कर्मचारियों के संघर्षों की जीत है। उन्होंने इसके लिये सभी कर्मचारी साथियों को बधाई दी है।पूर्वोत्तर रेलवे प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ के महासचिव पकंज कुमार सिंह ने कहा कि यू.पी.एस. की मंजूरी पर वर्ष 2004 के बाद सरकारी सेवा में आये कर्मचारियों एवं अधिकारियों में खुशी का माहौल है। सेवानिवृत्ति के बाद सुनिश्चित पेंशन मिलने की खबर से कर्मचारियों एवं अधिकारियों का उत्साहवर्धन हुआ है। इस नई पेंशन व्यवस्था से सरकार ने जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया है, वहीं सेवानिवृत्ति के बाद सम्मान के साथ समाज में जीने का हक भी दिया है।

पूर्वोत्तर रेलवे प्रमोटी अधिकारी संघ के अध्यक्ष कृष्ण सिंह ने यू.पी.एस. की मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यू.पी.एस. में निश्चित पेंशन की गारंटी है। उन्होंने इस योजना की स्वीकृति के लिये माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। एकीकृत पेंशन योजना की मुख्य विशेषताओं में सुनिश्चित पेंशन: 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा के लिये सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त मासिक औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन, कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत, सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन: न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर रू. 10,000 प्रति माह, महंगाई सूचकांक: सुनिश्चित पेंशन पर, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन पर और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर, औद्योगिक श्रमिकों के लिये अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (ए.आई.सी.पी.ई.-आई.डब्ल्यू.) के आधार पर महंगाई राहत, सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी के अतिरिक्त एकमुश्त भुगतान, सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिये तथा सेवानिवृत्ति की तिथि पर मासिक परिलब्धियों (वेतन + डी.ए.) का 1/10वां हिस्सा सम्मिलित है। उदाहरण स्वरूप यदि कोई कर्मचारी 30 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहा है, तो उसे 06 माह की सैलरी एकमुश्त मिलेगी। इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की धनराशि कम नहीं होगी।

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