जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया जिला कारागार मीरजापुर का औचक निरीक्षण एवं वृक्षारोपड़ कर लगाए फलदार वृक्ष –

मीरजापुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर के अपर जिला जज / सचिव श्री लाल बाबू यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारागार मीरजापुर का औचक निरीक्षण किये और फलदार वृक्ष रोपड़ किया
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ब्यूरो प्रमुख योगेश देव पाण्डेय की रिपोर्ट –
मीरजापुर। निरीक्षण के दौरान मीरजापुर जेल में कुल 726 दोषसिद्ध / विचाराधीन बन्दी निरुद्ध पाये गये। कारागार के कार्यालय एवं अभिलेखों निरीक्षण किये। अपर जिला जज / सचिव के साथ प्रभारी जेल अधीक्षक आशुतोष मिश्रा ने संयुक्त रूप से व्यक्तिगत तौर पर प्रत्येक बैरकों में जाकर एक-एक बन्दियों से उनके स्वास्थ्य इलाज, दवा पेयजल, नियमानुसार नास्ता खाने व मुकदमें में पैरवी हेतु अधिवक्ता होने अथवा न होने की जानकारी प्राप्त किए और सिद्धदोष कैदियों से जेल अपील हुआ है अथवा नहीं की भी जानकारी लिये। साथ ही स्वच्छता एवं पर्यावरण पर विशेष ध्यान देने पर बल दिए साथ ही बन्दियों के लिये उपलब्ध शौचालयो एवं जेल नालियों के साफ-सफाई की व्यवस्था एवं दौरान निरीक्षण बन्दियों को मिलने वाले तैयार भोजन की गुणवत्ता एवं दवा इलाज पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिए प्रभारी जेल अधीक्षक एवं जेल के डाक्टर को निर्देशित किये। यह भी आदेशित की कारागार अस्पताल में निरुद्ध बीमार बन्दियों को बेहतर इलाज की आवश्यकता हो तो उन्हें उच्च स्वास्थ्य सेन्टर पर भेजे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। किशोर बैरक में निरूद्ध बालको को शिक्षा व खेल कूद से सम्बन्धित सामग्री तथा शिक्षा परक एवं रोजगार परक शिविरों का आयोजन कराकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाए। महिला बैरक में निरुद्ध महिला बन्दियों से व्यक्तिगत तौर पर सम्पर्क कर उनके समस्याओं को सूने और महिला जेल वार्डन को निर्देशित किये कि महिला बन्दियों की कोई भी समस्या हो तो अविलम्ब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करें। दौरान निरीक्षण प्रभारी जेल अधीक्षक एवं डिप्टी जेलर को निर्देशित किये कि बन्दियों के परिजनों से बात चीत जेल पीसीओ के माध्यम से कराया जाये यदि किन्ही कारणवश पीसीओ के माध्यम से बन्दियों के परिजनों से मुलाकात एवं बातचीत नहीं हो पा रही है, तो उनके पते पर पोस्टकार्ड के माध्यम से सूचना अविलम्ब प्रेषित कराना सुनिश्चित करें।
साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण, शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध जलवायु विषय पर ग्राम पिपराडण फॉर्म हाउस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री लाल बाबू यादव एवं उद्यान अधिकारी श्री मेवा राम जी के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता शिविर में वृक्षा रोपड़ एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया।
औचक जेल निरीक्षण एवं पृक्षरोपड़, गोष्ठी में प्रभारी जेल अधीक्षक श्री श्री आशुतोष मिश्र, वरिष्ठ सहायक श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, डाटाआपरेटर रजित कुमार और जेल पराविधिक स्वयं सेवकों एवं कर्मचारियों ने सहयोग प्रदान किये ।
लगभग सभी विभागों में आज वृक्षारोपण किया गया और प्रत्येक वर्षों की भांति विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प भी लिए गए किंतु यह प्रत्येक वर्षों की भांति संकल्प लिया जाता रहा है और आज जनपद पर्यावरण को देख रही है। बताते चलें कि मीरजापुर रेलवे स्टेशन के अगल बगल रोड के किनारे पथरिया मार्ग पर पूर्व में कुछ अच्छे वृक्ष लगाए गए हैं किंतु उनकी हालत ठीक नही है लगे वृक्ष सुख रहे हैं कुछ सुख गए हैं पानी डालने की कोई व्यवस्था नही है। यह तो एक मामला है इसी प्रकार ढूंढने पर और भी लगाए गए पौधों /वृक्षों को देखा जा सकता है।मात्र वृक्षों को लगाने से हरियाली नही हो सकती बल्कि संकल्प सहित यदि वृक्ष लगाए हए हैं तो उनको समय समय पर प्रचुर सिंचाई की भी आवश्यकता है उसके साथ साथ लगाए वृक्षों के प्रति जागरूकता का भी प्रयास किया जाना चाहिए जैसे – लगाए गए वृक्षों का औषधीय गुण क्या है? और उनका वानस्पतिक वैज्ञानिक नाम क्या है? वृक्षो के पास एक फ्लैग की तरह किया जा सकता है जिस से जन मानस को अपने पर्यावरण का मूल आधार का ज्ञान हो और जब वनस्पतियों के गुणों का इस प्रकार ज्ञान होगा तो पहले से लगे जंगलों के कटान भी कम होंगे।
भू मण्डल पर बिखरे जन स्वास्थ्य के रूप में अनेकों वनस्पतियाँ हैं जो उपेक्षा की दृष्टि से उनका व उनके वानस्पतिक औषधीय ज्ञान न होने से मूलतः नष्ट भी हो रही है यह भी पर्यावरण के नष्ट होने का एक कारण है।
अब विचारणीय है की आज विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण हेतु लगाए वृक्षों की सेवा हो पाती है प्रचुर सिंचाई हो पाती है या वृक्ष लगाए जाने के बाद एक बूंद पानी को तरसते तरसते सुखना उनके भाग्य में है।
