करीब 6 माह पूर्व सील किया गया दद्दन खां के पैत्रिक सम्पत्ति का जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर खुला ताला
रिपोर्ट बृजेश गुप्ता
श्रावस्ती । श्रावस्ती जिले में लगभग 6 माह पूर्व सिरसिया ग्राम सभा निवासी मैनुद्दीन उर्फ दद्दन खां सहित अन्य दो लोगों को एसपी की स्पेशल टीम द्वारा वन माफिया घोषित कर मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी इतना ही नही इस दौरान जनपद भ्रमण पर आए वन राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी को सूचना दी गई कि सुहेलवा वन क्षेत्र से भारी पैमाने पर खैर की लकड़ी काट कर अन्य जनपदों में सप्लाई की जा रही थी जिसका जिम्मेदार दद्दन उर्फ मैनुद्दीन खां सहित अन्य दो लोगों को ठहराया गया था। जिसकी लागत करीब एक करोड़ से अधिक

रूपये में आकी गई थी,वन राज्यमंत्री ने सुहेलवा वनाधिकारी को फटकार लगाते हुए कई लोगों के निलंबन करने की करवाई शासन को भेज दी थी जिससे श्रावस्ती एक बार फिर सुर्खियों में आ गया था। लेकिन मैनुद्दीन उर्फ दद्दन खां ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए मीडिया से रूबरू हुए और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। लेकिन संपत्ति के मामले की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी श्रावस्ती दीपक मीणा ने दद्दन उर्फ मैनुद्दीन खां की संपत्ति उनके द्वारा अर्जित न मानकर पैत्रिक सम्पत्ति के आधार का लाभ देते हुए 12 अप्रैल 2018 को उप जिलाधिकारी रामाकांत वर्मा एवं थानाध्यक्ष सिरसिया बी0के0 सिंह को सील की गई सम्पत्ति को सील मुक्ति करने का निर्देश दिया गया। जिसपर दद्दन खां ने जिलाधिकारी के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर भारी पुलिस फोर्स व ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दी।
