राष्ट्रीय लोक अदालत में 68,656 वादों का निस्तारण, 27 करोड़ से अधिक की समझौता धनराशि



आनंद मोहन मिश्रा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
बलिया में न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन, अधिकारियों एवं न्यायिक मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में हुआ वादों का निस्तारण
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बलिया। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार 12 सितंबर 2026 को दीवानी न्यायालय परिसर, बलिया में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी, प्रशासनिक न्यायमूर्ति (सेशन डिवीजन) बलिया, माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया।
उद्घाटन समारोह में जनपद न्यायाधीश बलिया श्री अनिल कुमार झा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री अश्वनी कुमार दूबे, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बलिया श्री संजीव कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी लोक अदालत श्री प्रथम कान्त, जिलाधिकारी बलिया श्री मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ओम वीर सिंह, क्रिमिनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र कुमार मिश्र एवं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जीतेन्द्र बहादुर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/नोडल अधिकारी लोक अदालत श्री प्रथम कान्त एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी द्वारा किया गया। समारोह में न्यायालय के समस्त पीठासीन न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, समस्त बैंक प्रबन्धकगण, कर्मचारीगण, पीएलवी एवं वादकारी उपस्थित रहे।
सुलह-समझौते से विवादों के निस्तारण पर जोर
माननीय न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विवादों का सुलह-समझौते से निस्तारण करने, मध्यस्थता के महत्व एवं न्यायिक अधिकारियों द्वारा समय के सदुपयोग पर जोर दिया।
जनपद न्यायाधीश श्री अनिल कुमार झा ने न्यायिक अधिकारीगण को न्याय को सरल, सुलभ एवं मानवीय बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने न्याय को सामाजिक उत्थान का माध्यम बनाने तथा आम नागरिक के जीवन में लोक अदालत के सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
फौजदारी एवं सिविल मामलों में 2166 वाद निस्तारित
राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी न्यायालय बलिया के न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 2166 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें कुल अर्थदण्ड की धनराशि 5,37,960 रुपये, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की धनराशि 1,40,85,624.44 रुपये तथा समझौता धनराशि 3,10,000 रुपये रही।
निस्तारित वादों का विवरण इस प्रकार है—
1. श्री अनिल कुमार झा, जनपद न्यायाधीश, बलिया — धारा 138 एनआई एक्ट का 01 वाद, समझौता धनराशि 1,90,000 रुपये, फौजदारी 01 वाद, अर्थदण्ड 1,000 रुपये एवं अन्य 05 वाद निस्तारित।
2. श्री पुनीत कुमार गुप्ता, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-01 — फौजदारी 05 वाद, अर्थदण्ड 1,000 रुपये।
3. श्री प्रथम कान्त, विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-08 — फौजदारी 19 वाद, अर्थदण्ड 9,500 रुपये।
4. श्री प्रमोद कुमार गंगवार, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) — फौजदारी 01 वाद, अर्थदण्ड 500 रुपये।
5. श्री सैफ अहमद, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-04 — फौजदारी 04 वाद।
6. श्री रामकृपाल, विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) — विद्युत अधिनियम के 172 वाद निस्तारित।
7. श्री हरीश कुमार-।।, अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी-प्रथम — फौजदारी 01 वाद, अर्थदण्ड 500 रुपये।
8. श्री राम बिलास प्रसाद, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत — 02 वाद निस्तारित, समझौता धनराशि 1,20,000 रुपये।
9. श्री शैलेश पाण्डेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बलिया — फौजदारी 92 वाद, अर्थदण्ड 1,16,800 रुपये, चालान 429 वाद, धनराशि 3,00,725 रुपये।
10. सुश्री गार्गी शर्मा, सिविल जज (सीडि.) — फौजदारी 161 वाद, अर्थदण्ड 1,610 रुपये, चालान 17 वाद, धनराशि 5,500 रुपये, सिविल 19 वाद एवं 1,22,19,963.44 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी।
11. श्री नवनीत कश्यप, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम — फौजदारी 237 वाद, अर्थदण्ड 41,810 रुपये, चालान 110 वाद।
12. श्री पंकज कुमार पाण्डेय, सिविल जज (सीडि.) एफटीसी बलिया — फौजदारी 260 वाद, अर्थदण्ड 2,500 रुपये, सिविल 01 वाद, चालान 63 वाद, धनराशि 32,005 रुपये एवं सक्सैशन वाद 01 निस्तारित।
13. श्री अरूण कुमार पाण्डेय, सिविल जज (जू.डि.) रसड़ा — सिविल 02 वाद, सक्सैशन 04 वाद एवं अन्य 01 वाद।
14. श्रीमती सृष्टि त्रिपाठी, सिविल जज (जू.डि.) पूर्वी — चालान 08 वाद, धनराशि 2,700 रुपये, सिविल 08 वाद, सक्सैशन 21 वाद एवं 17,28,225 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी।
15. श्रीमती प्रियंका यादव, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय — फौजदारी 154 वाद, अर्थदण्ड 1,460 रुपये, चालान 05 वाद, धनराशि 2,500 रुपये एवं एनआई एक्ट 02 वाद।
16. श्री विवस्वान प्रकाश, सिविल जज (जू.डि.) एफटीसी-तृतीय — फौजदारी 211 वाद, अर्थदण्ड 9,750 रुपये, चालान 17 वाद, धनराशि 4,150 रुपये एवं वैवाहिक 02 वाद।
17. सुश्री सुरभि सिंह, सिविल जज (जू.डि.) एफटीसी-प्रथम — फौजदारी 63 वाद, अर्थदण्ड 600 रुपये, सिविल 20 वाद, चालान 08 वाद, धनराशि 2,450 रुपये, सक्सैशन 05 वाद एवं 1,37,436 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी।
18. श्री उर्फी आजमी, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय बेल्थरारोड — फौजदारी 31 वाद, अर्थदण्ड 200 रुपये।
19. श्री अशोक उपाध्याय, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट — फौजदारी 03 वाद, अर्थदण्ड 700 रुपये।
परिवार न्यायालय एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में भी निस्तारण
परिवार न्यायालय, बलिया में प्रधान न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार दूबे द्वारा 13 वैवाहिक वाद तथा अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री कमला पति द्वारा 41 वैवाहिक वाद निस्तारित किये गये।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, बलिया के पीठासीन अधिकारी श्री संजीव कुमार तिवारी द्वारा 25 मामलों का निस्तारण करते हुए 1,43,20,000 रुपये की प्रतिकर धनराशि निर्धारित की गयी।
राजस्व, बैंक, विद्युत एवं दूरसंचार विभाग के मामलों का निस्तारण
– राजस्व विभाग द्वारा कुल 31,329 वाद निस्तारित।
– उपभोक्ता फोरम द्वारा 08 वाद निस्तारित, प्रतिकर धनराशि 2,72,202 रुपये।
– बैंक द्वारा 934 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित, समझौता धनराशि 6,45,04,206 रुपये तथा मौके पर 3,22,77,614 रुपये की नकद वसूली।
– दूरसंचार विभाग द्वारा 10 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित, समझौता धनराशि 58,610 रुपये तथा मौके पर 21,000 रुपये की नकद वसूली।
– विद्युत विभाग द्वारा कुल 34,130 वाद निस्तारित, समझौता धनराशि 17,68,91,000 रुपये।
68,656 वाद निस्तारित, 27 करोड़ से अधिक की समझौता धनराशि
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 68,656 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें कुल समझौता धनराशि 27,04,41,642 रुपये तथा मौके पर कुल 20,97,27,574 रुपये की वसूली की गयी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्ण कालिक) श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी द्वारा यह प्रेस नोट जारी किया गया। समाचार का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं निःशुल्क प्रकाशन कराने हेतु जिला सूचना अधिकारी, बलिया को भी प्रतिलिपि प्रेषित की गयी।
