भारतीय जनतापार्टी केवल भगवान श्रीराम के नाम का व्यापार करके सत्ता में काबिज है – प्रमोद तिवारी
मुंगराबादशाहपुर, जौनपुर। प्रमोद तिवारी, सांसद, उप नेता विरोधी दल राज्य सभा ने प्रतिक्रिया देते हुये कहा है कि यह सर्वविदित हो गया है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के चढ़ावे में संगठित गैंग ने अर्गनाइज्ड क्राइम ढंग से चोरी की है, लूट हुई है, किन्तु किसी ‘‘खास’’ को सजा नहीं मिलेगी, केवल छुटभैयों को सजा देकर ‘‘इतिश्री’’ कर दी जायेगी । क्योंकि जितना बड़ा यह मुद््दा दिख रहा है उससे कहीं सैकड़ों गुना अधिक बड़ा यह मामला है, लूट का माल मात्र छुटभैंयों के पास ही नहीं है, उनके हाथ तो थोड़ा ही धन लगता था बड़ी धनराषि तो बोरों में बड़े- बड़े रसूखदार लोगों को दिल्ली तक गया है तो फिर उनका नाम लेने की हिम्मत कौन कर सकता है ? इसलिये मैं दृृढ़ता पूर्वक कहता हंूूॅ कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चन्दा चढ़ावे में चोरी हुई है, लेकिन बड़े गुनहगारों में से किसी को भी सजा नहीं दी जायेगी, दोषियों को सजा देष की ‘‘राम भक्त जनता’’ देगी ।
श्री तिवारी ने मध्य प्रदेष में श्री नरोत्तम मिश्रा जी का टिकट कटने पर हो रहे विरोध प्रदर्षन पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा है कि स्व. बलराज मधोक जी के जमाने से ही भा.ज.पा. में यह होता आया है कि भारतीय जनतापार्टी में कोई व्यक्ति प्रभावीषाली होकर नेतृृत्व के लिये कहीं चुनौती न बन जाय, इसलिये ऐसे कर्मठ, अनुभवी और लोकप्रियता वाले व्यक्ति का पर कुतरना इनकी पुरानी परंपरा रही है । श्री नरोत्तम मिश्रा जी एक कर्मठषील और लोकप्रिय राजनीतिकज्ञ हैं तो उनको हतोत्साहित करने के लिये ही उनका टिकट काट दिया गया है। यही नहीं भा.ज.पा. में कोई ब्राह्मण सषक्त और प्रभावषाली राजनीतिज्ञ न होने पाये, यह भारतीय जनतापार्टी की पुरानी परंपरा रही है।
अयोध्या में पूर्व मंे कराये गये रोजा इफ्तार के प्रकरण पर एक सवाल का जवाब देते हुये श्री तिवारी ने कहा है कि ‘‘खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे’’ वाली कहावत को भा.ज.पा. चरितार्थ कर रही है । अब जब भगवान श्रीराम के मंदिर में चन्दा चोरी के प्रकरण को लेकर भारतीय जनतापार्टी की चारो तरफ किरकिरी हो रही है तो वह बेबुनियाद मुद््दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाने का घिनौना प्रयास कर रही है । कहांॅ का मुद््दा कहांॅ और किस ढंग से उठाया जा रहा है ?
श्री तिवारी ने अतीत की याद दिलाते हुये कहा है कि वर्ष 2003 में अयोध्या में ज्ञानदास जी नाम के एक महन्त थे जिनकी जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य पैरोकार स्व. हाषिम अंसारी जी से मित्रता थी तो महंत ज्ञानदास जी ने उन्हें बुलाकर एक विवादित जमीन पर बाउण्ड्री वाॅल के अंदर रोजा इफ्तार कराया था, कहीं सीढ़ियों पर रोजा इफ्तार नहीं हुआ था । महन्त ज्ञानदास जी ने जिस विवादित भूमि पर रोजा इफ्तार कराया था उस पर मुकदमा चल रहा था । किन्तु असलियत बयां करने की ताकत भा.ज.पा. में नहीं है इसलिये वह अनर्गल प्रलाप करके बेबुनियाद मुद््दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास करती रहती है।
भारतीय जनतापार्टी केवल भगवान श्रीराम के नाम का व्यापार करके सत्ता में काबिज है जिस दिन राम जन्मभूमि का प्रकरण इनके पास न रहे, तो उस दिन इनकी समझ में आ जायेगा कि ये कितने बड़े राम भक्त हैं और कितने बड़े जनता के हितैषी और देष भक्त हैं । किसी पर झूूॅठे आरोप लगाकर सत्ता की रोटी सेंकना भारतीय जनतापार्टी की पुरानी फितरत है ।
