बेटी के पिता से दहेज़ न मांगा जाये-प्रेमभूषण महाराज

भारतीय सहारा संवाददाता
पट्टी, प्रतापगढ़। प्रेम में मिलन की तड़प होती है,सच्चा प्रेम मिलने के लिए लंबी प्रतिक्षा भी करता है किंतु वह बिना मिले रहता नही। प्रतापगढ़ से मुझे बहुत प्रेम है।यह उद्गार पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने व्यासपीठ से व्यक्त किया।किष्किंधा कांड की कथा में प्रवेश करते हुए प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि जीव के पास भजन को छोड़ अन्य सभी चीजों के लिए समय है,इसलिए सांसारिक कार्यो के साथ भजन भी करते रहना चाहिए क्योंकि यह जीवन क्षण भंगुर है फिर समय नही मिलेगा।सुग्रीव जी के आदेश से सीता मइया के अन्वेषण के लिए समस्त कपियो को बुलाया जाता है किंतु माता जी के अन्वेषण का कार्य प्रभु ने हनुमान जी को ही सौंपा।जामवंत जी के निर्देश का पालन करते हुए लंका में प्रवेश करते हैं।सुंदरकांड के आश्रय में कथा गायन करते हुए प्रेमभूषण महाराज ने कहा भारतीय सेना दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है भारत की दो बहादुर बेटियों कर्नल हुमा कुरेशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत देश के दुश्मनों को उनके ठिकानों सहित नष्ट करके अपनी शक्ति का जो परिचय दिया है वह प्रशंसनीय और वंदनीय है,ऐसी बेटियां हमारे लिए गौरव है,इसलिए बेटियों का सम्मान करना सीखिए।विवाह में बेटे के पिता को बेटी वालों से दहेज़ की माँग कभी नही करना चाहिए।देश के दुश्मनों पर बरसते हुए क्रांतिकारी संत प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि हमारी भारतीय सेना दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने में सक्षम है,हमारी सहिष्णुता को कमजोरी समझने की गलती कोई ना करे,हम किसी से डरते नही। प्रेमभूषण महाराज की कथा सुंदरकांड में प्रवेश करती है।पूज्यश्री ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि,विभीषण की भाँति भगत स्वयं न बना जाये घर के लोगों को भी भगत बनने दिया जाए।बन्दहु बाल रूप सोइ रामू.. गाने वाले लोग प्रसाद ले लेने पर छोटे बच्चों को डाँटने लगते है यह कभी नही करना चाहिए। 5 वर्ष के बच्चो में भगवत बुद्धि रखना चाहिए।यही सच्चे भक्त के लक्षण हैं।सुंदरकांड में हनुमान जी को माता सीता से पुत्र संबंध की प्राप्ति हुई इसलिए निर्भय होकर प्रेम मगन हो नाचने लगे। वाटिका उजाड़,अक्षय वध,लंका विध्वंस तक की कथा का सविस्तार वर्णन करते हुए प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि,जीवन में जितना संभव हो सके मित्र ही बनाना चाहिए शत्रु कदापि ना बनाया जाये। महिलाओं को भगवान की पूजा से पूर्व सिंदूर लगाना चाहिए और बाल बांधते समय बालों में चूड़ा अवश्य लगाना चाहिए इससे पति की आयु में वृद्धि और रक्षा होती है। भगवान ने केश रक्षण के लिए ही केशव अवतार लिया थाअतः महिलाओं को आधुनिकता की अंधी दौड़ से बचते हुए अपने केश कभी नही कटवाना चाहिए।पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने राम राज्याभिषेक महोत्सव का सुंदर वर्णन करते हुए बजरंगी लाये खबरिया राम आते नगरिया, आते हैं रघुनंदन..,मुझे प्राणों से भी प्यारी है ये अवधपुरी और राजा बने रघुरैया..जैसे अपने लोकप्रिय भजनों को सुनाकर इस मानस महाकुंभ में अवगाहन हेतु उमड़े जन सैलाब को भावविभोर कर दिया।
गौर तलब है कि,श्री छोटी अयोध्या धाम वार्ड क्रमांक 4 संग्रामगंज, नगर पंचायत रामगंज में आयोजित नवनिर्मित श्रीराममंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के मंगल महोत्सव सोपान में पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज के व्यासत्व में इस महोत्सव के मुख्य यजमान और आयोजक राम अकबाल मिश्र द्वारा 1मई से 9 मई तक नौ दिवसीय मानस महाकुंभ का आयोजन किया गया था।पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने राम अकबाल मिश्रा को उनके कई वर्षों से संकल्पित इस मंगल महोत्सव की संपन्नता को राघव सरकार की कृपा प्रसादी बतलाते हुए उन्हें अपना आशीर्वाद और मंगल बधाई देते हुए इस नौ दिवसीय कथा सत्र को विश्राम दिया।राम अकबाल मिश्रा ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि, स्वर्गीय पिताजी के स्वप्न को पूर्ण करने का जो पुण्य संकल्प मैंने लिया था वह राघव सरकार की कृपा, श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद, परिजनों और क्षेत्र वासियों और पुलिस विभाग के सहयोग से आज सिद्ध हुआ मै सभी का आभारी हूँ। आयोजक राम अकबाल मिश्रा के पुत्र चारु मिश्र के अनुसार इस मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के मंगल महोत्सव में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए नित्य भोजन महाप्रसाद की व्यवस्था की गयी थी।रामकथा में उमड़े जनसैलाब के बीचआमंत्रित प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह(मोती सिंह),पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकांत ओझा, रामगंज नगर पंचायत के चेयरमैन राकेश सिंह, मुम्बई से पधारे सुप्रसिद्ध उधोगपति,समाज सेवक पंकज मिश्रा,बिन्दू सिंह, गब्बर सिंह,रुचि सिंह, शारदा सिंह, महादेव सिंह, इं.आशीष सिंह, प्रेमभूषण महाराज के मुम्बई मीडिया प्रभारी दिनेशप्रताप सिंह आदि गणमान्य जनों ने प्रमुख रूप से उपस्थित होकर मानस महाकुंभ में अवगाहन का पुण्यलाभ प्राप्त किया।
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