संघर्ष करके एक बड़ी मिशाल कायम किया डॉ. बीनू त्रिपाठी ने
सुनील पाण्डेय की रिपोर्ट-
प्रतापगढ़। रात दिन कड़ी संघर्ष करके खुद को उस काबिल बना लिया और अब जाकर प्रोफेसर के पद पर चयनित हुई।
आपको बता दें कि डॉ. बीनू के पति का नाम प्रशांत ओझा है डॉ. बीनू के द्वारा बताया गया कि उनकी सफलता का राज उनके पति का साथ देना हर पल हर कदम से कदम मिलाकर साथ चलना
कहा जाता है कि एक पति की सफलता के पीछे एक पत्नी का हाथ होता है । यहां पर तो उल्टा ही हो गया है एक पत्नी की सफलता के पीछे एक पति का हांथ है।
प्रशांत ओझा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के एक अच्छे अधिवक्ता है। बीनू का मायका कौड़िहार में है प्रारंभिक शिक्षा कौड़िहार से हुई फिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आगे की पढ़ाई करते हुए बीनू त्रिपाठी का चयन उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा वनस्पति विज्ञान विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है उनके चयन से तिवारी का पूरा , ससुराल बाघराय के सिया गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
डॉ. बीनू वर्तमान में सुशीला देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के कन्नौज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं और उनके पति प्रशांत ओझा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है
पति का साथ और परिवार वालों के सपोर्ट मिलने की वजह से एक अच्छी पढ़ाई करते हुए डॉ. बीनू ने सहायक प्रोफ़ेसर के पद पर सफलता प्राप्त की है।

