उप निदेशक का फूटा गुस्सा : क्यों नहीं पूरे अधूरे शौचालय

भारतीय सहारा बांदा –
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के अधूरे पड़े सामुदायिक शौचालय सोच का विषय बन गये है। आलम यह है की ज्यों-ज्यों दवा की मर्ज बढ़ता ही गया। अब अधूरे पड़े शौचालयों को पूरा करने और जो बन गए हैं, उन्हे संचालित करने को उप निदेशक पंचायत दिनेश सिंह ने तीन दिन की मोहलत दी है। गुस्सा दिखाया है की इस तय समय में शौचालय उपयोग के लिए तैयार नहीं हुए तो उन पर खर्च की गई धनराशि संबंधितों से वसूली जाएगी।
गांवो को खुले में शौंच मुक्त बनाए रखने को ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। कई गांवो में इनकी गुणवत्ता में कमियां मिल रही है। चित्रकूटधाम मंडल के उपनिदेशक पंचायत दिनेश सिंह अधूरे व मानकविहीन बने सामुदायिक शौचालयों को लेकर बेहद खफा हैं। निरीक्षण में मिली इस तरह की कमियों को मिटाकर इन्हें संचालित करने को तीन दिन की मोहलत दी है। उपनिदेशक ने बताया कि मंडल के सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन के अंदर अधूरे व मानक विहीन बने सामुदायिक शौचालयों को पूरा कराकर एनआरएलएम समूहों को हैडओवर नहीं कराया गया तो संबंधित पंचायत सचिव, प्रशासक व तत्कालिन प्रधान से निर्माण में खर्च हुई धनराशि को आधी-आधी वसूली जाएं। उप निदेशक ने सभी सामुदायिक शौचालयों को क्रियाशील बनाकर चालू करने को कहा है।अब तो स्थिति तीन दिन बाद ही स्पष्ट होगी की उप निदेशक के निर्देश का निर्धारित समयावधि में पालन होता है या नहीं, अन्यथा की स्थिति में क्या कार्यवाई होती है।
