जान हथेली पर रखकर दोपहिया चालक पहुंचते हैं प्रयागराज
मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर। गोरखपुर से प्रयागराज को जाने वाली मुख्य मार्ग मुंगरा बादशाहपुर से बुढ़िया का इनारा तक जिसकी दूरी लगभग 6 किलोमीटर है, उसकी स्थिति इतनी दयनीय होने के साथ-साथ इतनी भयावह हो चुकी है कि दोपहिया सवार आए दिन अपनी जान हथेली पर रखकर आते जाते हैं, ऊपर से बड़ी बड़ी लारिया (ट्रकें ) जब झुंड में गुजरती है तो धूल और सिटकियाँ पैदल, साइकिल, और मोटरसाइकिल से चलने

वालों के लिए जान की बड़ी फजीहत बन जाती है। पहले तो लोगों को सिर्फ बड़े बड़े गड्ढों को झेलना पड़ता था, किंतु अब खतरनाक गड्ढों के साथ धूल और सिटकियों की जानलेवा परेशानी भी झेलनी पड़ती है जिसके कारण कभी-कभी लोग गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो जाते हैं, उक्त क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत को लेकर पिछले महीने पुनः बनने के नाम पर राजनैतिक लोगों में श्रेय लेने की होड़ मची थी, किन्तु आज भी धरातल पर जन सामान्य के लिए केवल जोखिम ही जोखिम है!अब देखना यह है कि विभाग और सरकार को कब जूं रेंगते हैं ।
वीरेन्द्र कुमार – जिला ब्यूरो प्रमुख
