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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सज रही है अयोध्या नगरी

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अरविन्द सिंह की रिपोर्ट
अयोध्या। नगर में तीन अगस्त से ही शुरू हो जाएगा उत्सव, शहर में जलाए जाएंगे लाखों दीये, रामचरित मानस का होगा अखंड पाठ अयोध्या में ही नहीं पूरे देश में मनाई जाएगी दीवाली और शहर में जलाए जाएंगे लाखों दीये, रामचरित मानस का होगा अखंड पाठ।
एक अगस्त से एसपीजी की स्पेशल सेल संभालेगी मोर्चा।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार अयोध्या में तीन अगस्त से ही उत्सव शुरू हो जाएगा। ‘भूमिपूजन’ के लिए वैदिक अनुष्ठान भगवान गणेश की विशेष पूजा से शुरू होगा। हिंदू अनुष्ठानों के अनुसार, हर शुभ समारोह भगवान गणेश की पूजा के साथ शुरू होता है। चार अगस्त को पुजारी रामचार्य पूजा करेंगे और 5 अगस्त को एक और भूमिपूजन ’किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ राम मंदिर निर्माण की आधारशिला में करीब 22.6 किलोग्राम वजन की चांदी की ईंट रखेंगे।
बताया जा रहा है कि पांच अगस्त को सबसे शुभ समय 12.15 बजे है। जिला प्रशासन की ओर से शहर में लाखों दिए जलाए जाएंगे। अयोध्यावासी भी अपने खुशी का इजहार करने के लिए घरों के बाहर दिए जलाकर रोशनी करेंगे। और शहर में कई स्थानों पर अखंड रामायण शुरू किया जाएगा।
श्रीराम के राज्याभिषेक की तरह सजेगी अयोध्या
अयोध्या में चार अगस्त से ही सभी मठ-मंदिरों में दो दिन अखंड रामायण का पाठ और रामनाम का संकीर्तन होगा। सीएम योगी की मंशा है कि अयोध्या में त्रेता युग में रावण वध कर लौटे श्रीराम के राज्याभिषेक की तरह सजे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहाकि, भूमि पूजन का अवसर सभी संत धर्माचार्य और सनातन धर्मियों के लिए मनोवांछित फल देने वाला है। सभी लोग अखंड रामायण पाठ, सुंदर कांड, हनुमान चालीसा पाठ, रामनाम संकीर्तन करें, घरों में दीपमालाएं जलाएं।
21 वैदिक विद्वान कराएंगे पूजा अयोध्या, मथुरा एवं काशी के 21 वैदिक विद्वान इस समारोह को पूरा करेंगे। इसके अगुवा बनारस के दिग्गज आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित की टीम करेगी। टोली में अयोध्या के पांच वैदिक आचार्य होंगे और बाकी मथुरा एवं काशी के होंगे। ज्योतिष के अनुसार भूमिपूजन बुधवार को होना है और इस दिन का रंग हरा होता है। तो पांच अगस्त को भूमि पूजन के दिन रामलला हरे रंग के नवरत्न जड़ित वस्त्र पहनेंगे। रामलला को हर दिन अलग-अलग रंग के कपड़े पहनाए जाते हैं। पूजन के दिन रामलला भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न और हनुमानजी को नई पोशाक पहनाई जाएगी।

पांच अगस्त को राम मंदिर के नए मॉडल का प्रदर्शन किया जाएगा। भूमिपूजन के बाद पीएम मोदी पहली बार आमने सामने एक शिखर और पांच मंडप वाले तीन मंजिला मंदिर के मॉडल का दर्शन करेंगे। मंदिर के कुल 17 हिस्से होंगे। इन्हें शिखर, गर्भगृह, कलश गोपुरम रथ, मंडप और अर्थ मंडप, परिक्रमा तोरण, प्रदक्षिणा अधिष्ठान जैसे वर्गों में बांटा गया है। आम जनता भी इस मॉडल का दर्शन कर सकेगी।
अयोध्या के राम मंदिर शिलान्यास व भूमि पूजन के लिए लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान से भी मिट्टी दी गई है। बुधवार को मिट्टी से भरा एक बर्तन राम लीला समिति ने अयोध्या शोध संस्थान को सौंप दिया। ऐसा माना जाता है कि 16 सदी में संत कवि तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ लिखी थी। वह रामचरितमानस को लिखने से पहले लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान आए थे। यह भी माना जाता है कि तुलसीदास ने ही ऐशबाग मैदान में ‘राम लीला’ की परंपरा को शुरू किया था।देश विदेश की जनता, श्रद्धालु, पर्यटक और हिन्दुस्तान के हितैषी को भी राम के इस अनूठे कार्यक्रम से कोई भी नहीं चूके इसके लिए भूमि पूजन का लाइव प्रसारण किया जाएगा ताकि सभी लोग इसे देख सकेंगे।अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के इंतजाम चुस्त किए जा रहे हैं। एसपीजी की टीम एक अगस्त को मोर्चा संभाल लेगी। सुरक्षा की सारी तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों एसपीजी टीम की निगाहों से ही गुजरकर जाएगी। पीएम की सुरक्षा के लिए 3 लेयर सिक्योरिटी तैयार की गई है। पीएम इसी सुरक्षा के बीच रहेंगे। अयोध्या नगर की सड़कों गलियों आदि को भव्य पेंटिंग तोरण द्वार आदि से भव्यतम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

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