गरीबों के राशन पर कोटेदार का डाका, सोशल डिस्टेंसिंग का नही हो रहा है पालन, संबंधित अधिकारी गहरी निद्रा मे
मुँगराबादशाहपुर, जौनपुर । जहाँ पर सरकार गरीबों के हित के लिए खाद्यान उपलब्ध कराते हुए कोटेदारों के माध्यम से गरीबों के लिए राशन महीने मे दो बार दे रही है । एक बार पैसे लेकर दूसरी बार मे निःशुल्क दे रही है । वहीं जनपद जौनपुर के मुँगराबादशाहपुर क्षेत्र के ग्रामसभा लौंह के कोटेदार राजेन्द्र प्रसाद द्वारा गरीबों के पेसे वाले राशन और निःशुल्क राशन पर भी डाका डालते हुए 4 यूनिट यानी 20 किलो मे डेढ़ किलो तौल मे कम दिया जा रहा है । सरकार के लाख दावों और सख्ती के बावजूद भी कोटेदार अपनी हरकत से बाज नही आ रहे हैं । इस संबंध मे जब जिला पूर्ति अधिकारी जौनपुर से फोन पर बात करना चाहा तो घंटी जाती रही लेकिन फोन रिसीव नही किया गया। वहीं जब मछलीशहर के सप्लाई इंस्पेक्टर मनोज पाण्डेय के सीयूजी नं. पर फोन किया गया तो उनका मोबाइल फोन नही लगा । सप्लाई इंस्पेक्टर मनोज पाण्डेय का सीयूजी नं. जल्दी लगता ही नही है और यदि लगता भी है तो घंटी जाती रहती है जल्दी फोन नही उठाते हैं । सवाल यह भी उठता है कि आखिर कोटेदारों की शिकायत करना भी लोग चाहे तो कैसे करें और किसके पास शिकायत करें । खास बात तो यह है कि सरकार के बार – बार कहने के बावजूद भी लौंह के कोटेदार द्वारा ना तो उपभोक्ताओं का हाँथ धुलवाया जाता हैं और ना ही सेनेटाइज किया जाता है । इस कोरोना जैसी चल रही बिमारी के बावजूद भी कोटेदार की मनमानी चल रही है । शोसल डिस्टेंसिंग का पालन भी नही किया जाता है । कोटेदार की मनमर्जी चाहे गेहूँ बांटे और चाहे चावल, कोई बोलने वाला नही है । ग्राहकों को चाहे गेहूँ दिया जाए चाहे चावल मूल्य तीन रुपया किलो के हिंसाब से वसूला जाता है । कोटेदार द्वारा सरकार के मंसूबों पर पानी फेरा जा रहा है और क्षेत्रीय अधिकारी जानबूझकर मौन धारण किए हुए हैं ।
