उप जिलाधिकारी के आदेश पर पड़ रही भारी, नगर पंचायत बीकापुर अधिशासी अधिकारी
शिवकुमार तिवारी की रिपोर्ट
उप जिलाधिकारी के आदेश को ही मनवाने हेतु उप जिलाधिकारी के ही कार्यालय के सामने 5 दिन से बैठा दिव्यांग

अयोध्या,बीकापुर। बीकापुर तेंदुआ माफी निवासी कन्हैयालाल गौड़ स्वपत्नी सहित एसडीएम साहब के ही आदेश को मनवाने के लिए उप जिलाधिकारी कार्यालय के सामने लगातार पांच दिनों से धरने पर बैठा हुआ है। इस दौरान कन्हैया लाल गौड़ द्वारा कोविड-19 के बचाव सुरक्षा उपायों का समुचित पालन भी किया जा रहा है। और उप जिलाधिकारी बीकापुर से न्याय की गुहार बराबर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लगाई जा रही है। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन और उप जिलाधिकारी महोदय के द्वारा कोई सहयोग नहीं प्राप्त हो सका है। कन्हैया लाल गौड़ का आरोप है कि शासन प्रशासन व नगर कोतवाली द्वारा धरने को समाप्त करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जबकि पीड़ित लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है और कह रहा है कि उसे जब तक न्याय नहीं मिलेगा वह धरने से नहीं उठेगा।
मामला यह है कि पीड़ित कन्हैया लाल गौड़ प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करवा रहा था जिसका आदेश स्वयं उप जिलाधिकारी बीकापुर द्वारा अधिशासी अधिकारी बीकापुर नगर पंचायत कार्यालय को किया गया था। जिस पर अधिशासी अधिकारी बीकापुर नगर पंचायत कार्यालय रागिनी वर्मा ने एसडीएम का आदेश ना मानते हुए स्थानीय कोतवाली द्वारा पुलिस भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। पीड़ित द्वारा बताया गया विपक्षी रामतेज भी नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत है जिसके प्रभाव के चलते अधिशासी अधिकारी द्वारा जबरिया निर्माण रुकवाया गया है। अधिशासी अधिकारी के कृत्य से आहत प्रार्थी उप जिलाधिकारी बीकापुर कार्यालय के सामने अपनी पत्नी के साथ धरने पर बैठा हुआ है। जिसका अभी तक नतीजा यह निकला कि पीड़ित को न्याय तो नहीं मिल सका लेकिन पीड़ित के ऊपर उल्टे कोविड-19 महामारी एक्ट का मुकदमा जरूर लाद दिया गया।
