मकान किराये का डर पलायन की मूल वजह – कृष्ण झा
नई दिल्ली। देश के जाने माने राजनीतिक रणनीतिकार, पॉलिसी मेकर एवं समाजसेवी कृष्ण झा ने दिल्ली से हो रहे पलायन के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। झा ने कहा कि दरअसल, यह पलायन भूख या भोजन की कमी के डर से नहीं बल्कि मकान किराये की टेंशन की वजह से है। मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिल्ली में किराये के मकानों में रहने वाले लोगों को यह भरोसा देना होगा कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें मकान किराया नहीं देना होगा। इसके लिए उन्होंने केजरीवाल को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अनुसरण करते हुए दिल्ली के मकान मालिकों

को सख्त निर्देश देने की मांग की, ताकि वे किरायेदारों को परेशान न करें। किराया मांगने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान किया जाना चाहिए।
झा ने कहा कि अब तक देश भर में करीब 1024 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 27 लोगों की जान जा चुकी है। यह महामारी और न फैले, इसलिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा था कि यह कर्फ्यू से भी कड़ा कदम है। सभी को घरों में ही रहना है। किसी भी सूरत में लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करना है। अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो देश 21साल पीछे चला जायेगा। लेकिन यह हो क्या रहा है देश की राजधानी में? इतना बड़ा पलायन? आनंद विहार में उमड़ा जनसैलाब सब कुछ मुफ्त देने का वादा करने वाली केजरीवाल सरकार की ढपोरशंखी बयानबाजी की पोल खोल रहा है। झा ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को यह समझना होगा कि उनके आश्वासन के बावजूद आखिरकार लोग उन पर भरोसा क्यों नहीं कर पा रहे हैं।
झा ने कहा कि लॉकडाउन की घोषणा इसलिए हुई है ताकि लोग जहां हैं, वहीं रहें। केंद्र सरकार समेत तमाम राज्य सरकारों ने राहत योजनाएं भी शुरू की। खुद अरविंद केजरीवाल ने भी लोगों को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया था लेकिन आनंद विहार की भीड़ जो बता रही है, वह बेहद भयावह है। उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि आखिरकार किसके कहने पर लाउडस्पीकरों से एनाउंस कर लोगों को यूपी बार्डर पर पहुंचने के लिए उकसाया गया। इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए। केजरीवाल साहब! आंखें खोलिए। कथनी और करनी के अन्तर को पाटिए। चुनाव के वक्त घर घर आपके कार्यकर्ता मतदान पर्ची जैसे पहुंचाते हैं उसी तरह संकट की इस घड़ी में घर घर तक पहुंचने की कोशिश कीजिए और लोगों की परेशानियों को दूर करने का प्रयास कीजिए। कृष्ण झा ने राशन दुकानों से राशन बांटे जाने का स्वागत किया लेकिन इसी के साथ यह भी पूछा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनके लिए सरकार का क्या प्लान है। उन्होंने राशन के साथ ही हर परिवार को पांच-पांच हजार रुपये देने की मांग की है।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक कृष्ण झा ने कहा कि जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है, लेकिन अगर हमने लॉकडाउन का पालन नहीं किया और कोरोना का फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना करते हुए अरविंद केजरीवाल से उनका अनुसरण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से किरायेदारों को अभयदान दिया है उसी तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी कड़ा स्टैंड लेना पड़ेगा। मकान मालिक हर महीने किराये से लाखों रुपये कमाते हैं। अगर एक- दो महीने का किराया नहीं भी लेंगे तो वे भूखों नहीं मर जाएंगे। इसलिए फिलहाल राजनीतिक लाभ हानि का गुणा भाग करने के बजाय मुख्यमंत्री परेशानहाल किरायेदारों की मदद को आगे आयें।
