कोरोना महामारी को देखते हुए अयोध्या से निकलने वाली 84 कोसी परिक्रमा भी हुई रद्द

अरविंद सिंह की रिपोर्ट
अयोध्या नगर में होने वाले धार्मिक आयोजनों पर भी कोरोनावायरस ने लगाम लगा दिया है। राम नगरी अयोध्या से निकलने वाली 84 कोसी परिक्रमा को विश्व हिंदू परिषद ने इस बार स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस परिक्रमा को अपने परंपरागत आयोजनों के तहत अयोध्या के कारसेवक पुरम से 8 अप्रैल को निकालने की तैयारी थी। अयोध्या के चारों तरफ चौरासी कोस के भीतर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की सांस्कृतिक सीमा मानी जाती है जिसके तहत प्रत्येक वर्ष सैकड़ों की संख्या में साधु संत चौरासी कोस की परिक्रमा करते हैं। यह परिक्रमा अयोध्या से दो स्थानों कारसेवक पुरम विश्व हिंदू परिषद की 84 कोसी परिक्रमा हनुमान मंडल व रायगंज गया मंदिर से संत गया दास के नेतृत्व में परंपरागत रूप से निकलती है। इस वर्ष कोरोनावायरस से उत्पन्न महामारी को देखते हुए 84 कोसी परिक्रमा को भी स्थगित कर दिया गया है। इस वर्ष यह परिक्रमा 8 अप्रैल को बड़े धूमधाम से निकालने की तैयारी थी क्योंकि इस बार रामलला को अपना नया घर मिला है जिसके चलते इस बार आयोजन का उत्साह बहुत अधिक था लेकिन इस वैश्विक महामारी के चलते आयोजन को रद्द कर दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद के इस 84 कोसी परिक्रमा के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अयोध्या से निकलने वाली यह 84 कोसी परिक्रमा कई पीढ़ियों से चली आ रही है लेकिन आज देश इस कोरोना महामारी के चलते हुए संकट में है और इससे निजात पाने के लिए सभी लोगों को अपने अपने घरों में रहना होगा तभी इस महामारी से मुकाबला किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विगत पिछले वर्ष इस परिक्रमा में 400 से अधिक संतों की संख्या थी लेकिन भगवान राम लला के पक्ष में मंदिर निर्माण का फैसला आने के बाद और रामलला को अस्थाई मंदिर में विराजमान हो जाने से संतों में प्रबल उत्साह था इस बार इस परिक्रमा में लगभग 2000 से अधिक संख्या होने की संभावना थी परंतु सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश हित में इस परिक्रमा को स्थगित कर दिया गया है।
