राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक बिल पारित, पक्ष मे 125 और विपक्ष मे 99 वोट पड़े
दिल्ली । राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) बहुमत से पारित हो गया है । इस बिल पर वोटिंग के दौरान सदन में कुल 230 सदस्य मौजूद रहे, जिनमें से 125 ने पक्ष में जबकि 99 ने इसके खिलाफ वोट किया । गृह मंत्री अमित शाह ने गत बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक चर्चा के लिए राज्यसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत के मुसलमान देश के नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे।
पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के प्रावधान वाले इस विधेयक को पेश करते हुए उच्च सदन में गृह मंत्री ने कहा कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों के पास समान अधिकार नहीं हैं । उन्होंने कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी कम से कम 20 फीसदी कम हुई है । गृह मंत्री ने कहा कि इन प्रवासियों के पास रोजगार और शिक्षा के अधिकार नहीं थे । गृह मंत्री ने इस विधेयक के पीछे वोटबैंक की राजनीति के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस संबंध में घोषणा की थी। वहीं भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया था ।
